सोनौली। पिछले दस दिनों से नेपालगंज रुपैडिहा बॉर्डर पर सामान्य हुई स्थिति शुक्रवार को बिगड़ गई। सीमा पर प्रदर्शन करने पहुंचे मधेसी आंदोलनकारियों ने भारत से नेपाल जाने वाले माल वाहक ट्रकों को रोक लिया। सीमा पर धरना देने लगे।
शनिवार की सुबह नाकाबंदी करने पहुंचे मधेसी आंदोलनकारियों ने नानपारा नोमेंसलैंड पर पहुंचकर मालवाहक गाड़ियों को रोक दिया। प्रदर्शन करने लगे। नेपाल पुलिस ने मधेसी नेता रामकुमार द्विवेदी सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद मधेसी उग्र हो गए।
इसी तरह गुरुवार की रात वीरगंज रक्सौल के नोमेंसलैंड मितेरी पुल पर टेंट डालकर प्रदर्शन कर मधेसी आंदोलनकारियों के बीच मारपीट हो गयी। आंदोलनकारियों ने रिक्शा, ठेला और तांगा में लाए सभी तस्करी के सामानों को नदी गिराकर दिया। साथ ही सामना को नष्ट कर दिया। मधेसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन की सह पर तस्कर भारत से समान लाकर काठमांडू ले जाने के फिराक में थे।
कांग्रेस ही मधेसियों की मुख्य अपराधी: हृदेश त्रिपाठी
सोनौली। तराई मधेस लोकतांत्रिक के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हृदेश त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि मधेसी आंदोलन के मुख्य कर्ताधर्ता कांग्रेस है। कांग्रेस की नीतियों के कारण ही आज मधेसी सड़क पर हैं। त्रिपाठी शुक्रवार को भैरहवां में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में यह बातें कहीं। त्रिपाठी ने कहा कि आज मधेसी समाज अलग थलग पड़ा हुआ है। राष्ट्रीय एकता बचाने के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन से विश्वास हट चुका है। आंदोलन नहीं रुकेगा। सरकार ने संशोधन प्रक्रिया शुरू की है। वह स्वागत योग्य है।