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Maharajganj News: भूल गए थे केवाईसी कराना...अब लगा रहे एजेंसी का चक्कर

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पहले लोग आसानी से गैस मिलने के कारण उपभोक्ताओं ने नहीं करवाई केवाईसी
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21 लाख घरेलू गैस के उपभोक्ताओं में से 1.68 लाख ने नहीं कराई है केवाईसी
महराजगंज। खाड़ी देशों में युद्ध से पहले लोगों को आसानी से रसोई गैस मिल जाता था। इसलिए लोग गैस एजेंसी में केवाईसी नहीं करवाई। एजेंसी द्वारा मैसेज भेजने और हॉकर के कहने के बाद भी लोग ई-केवाईसी कराने एजेंसी तक नहीं पहुंचते थे। कई लोग ऐसे भी हैं जो घर में पासबुक रखकर ही भूल गए। अब गैस सिलिंडर के लिए बुकिंग की व्यवस्था लागू होने के बाद से पासबुक खोजकर एजेंसी के चक्कर लगा रहे हैं। ऐसी वजह से एजेंसी के बाहर कतार लंबी होती रही है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 21 लाख घरेलू गैस के उपभोक्ता हैं। उज्ज्वला के दो लाख कनेक्शन हैं। घरेलू उपभोक्ताओं की जनवरी माह से ही ई-केवाईसी की जा रही है। इसमें करीब 1.68 लाख घरेलू उपभोक्ताओं ने अब तक अपनी ईकेवाईसी नहीं कराई है। वहीं उज्ज्वला के 1068 उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी बाकी है। ऐसे में जब गैस की किल्लत बढ़ी तो जिन लोगों ने केवाईसी नहीं कराई है उन्हें दिक्कत ज्यादा हो रही है। ऐसे में लोग एजेंसी पहुंच रहे हैं। एजेंसी पर बुकिंग को लेकर मोबाइल पर मैसेज न आने पर कर्मचारियों से उनकी नोकझोंक तक हो जा रही है। सोमवार को गैस एजेंसियां बंद होने के कारण लोगों को गैस नहीं मिली।
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शास्त्री नगर निवासी एडवोकेट आलोक मिश्रा ने बताया कि घरेलू कनेक्शन वालों को 2015 के बाद सिलिंडर के लिए लाइन में लगने की समस्या से छुटकारा मिल गया था। शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी गैस सिलिंडरों की इतनी प्रचुरता थी कि कभी-कभी दिन में दो बार हो डिलीवरी की गाड़ी मोहल्ले में घूम जाया करती थी। घर तक गैस पहुंचाने वाले हॉकर इस उम्मीद में हालचाल लेते थे कि हमारे यहां सिलिंडर पहुंचाएंगे तो 20 रुपये मिल जाएंगे। शास्त्रीनगर निवासी पिंटू गुप्ता और वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि पहले आसानी से गैस मिल जाती थी तो कोई समस्या नहीं होती थी। जब जरूरत पड़ी तो गैस का पासबुक खोजना पड़ा। आधे घंटे बाद तो पासबुक मिला। 20 दिन पहले हमने ई-केवाईसी करा ली है। अच्छा था कि पहले ही ई-केवाईसी करा ली। नहीं तो दिक्कत होती।
उन्होंने बताया कि शुरुआत में जब गैस सिलिंडरों के रेट बढ़े और खाते में सब्सिडी आने लगी तो लोग मोबाइल नंबर अपडेट रखते थे। जबसे सब्सिडी आनी बंद हुई तो लोगों ने मोबाइल नंबर भी अपडेट कराना छोड़ दिया। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
फरेंदा संवाद के अनुसार, आनंदनगर इंडेन गैस एजेंसी पर रविवार को करीब 500 सिलिंडर का वितरण हुआ था। एजेंसी से मार्च महीने में अब तक करीब 5,000 गैस सिलिंडर का वितरण हो चुका है। भारत गैस एजेंसी परासखाड़ फरेंदा में रविवार को करीब 600 सिलिंडर का वितरण हुआ था। अब तक करीब 6,000 गैस सिलिंडर वितरण हो चुका है।


सिलिंडर बेचने का लगाया आरोप
खनुआ। नौतनवा थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव निवासी रमेश चौधरी ने उपजिलाधिकारी नौतनवा को शिकायती पत्र देकर बुकिंग के बाद भी गैस न मिलने का आरोप लगाया है।
रमेश चौधरी ने उपजिलाधिकारी नौतनवा को शिकायती पत्र देकर बताया कि उन्होंने 11 मार्च को इंडेन ऑयल एप के माध्यम से एक सिलिंडर बुक किया था, जिसकी डिलीवरी हॉकर करता था। हॉकर को फोन मिलाने पर बंद मिला। 14 मार्च को जब एप के माध्यम से जानकारी की गई तो पता चला मेरे बुक किए गए सिलिंडर को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। मेरा गैस कनेक्शन मेरी मां शोभावती के नाम से है। शिकायतकर्ता का कहना है कि गैस न मिल पाने के कारण बच्चों की टिफिन नहीं बन पा रही है, जिससे बच्चे समय से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
साहब...बुकिंग के बाद भी नहीं मिला गैस

साहब...बुकिंग के बाद भी गैस नहीं मिला, लाइन में लगा हूं, मैसेज नहीं आ रहा है। ऐसी शिकायतें रोज जिलाधिकारी की ओर से बनाए गए कंट्रोल रूम में आ रही हैं। शिकायत करने वाला का नाम, पता और मोबाइल नंबर नोटकर समाधान भी कराया जा रहा है। इस संबंध में एआरओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि तीन दिन में 161 शिकायतें आईं। उन्होंने बताया कि शनिवार को नौ, रविवार को 90 और सोमवार को 61 शिकायतें दर्ज की गईं। उनका समाधान किया जा रहा है।
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कॉलिंग
गैस की बुकिंग न होने के कारण दिक्कत हो रही है। एजेंसी पर पहुंचा तो पता चला कि ई-केवाईसी नहीं है। इसके बाद ईकेवाईसी कराया।
-अमरनाथ मद्धेशिया, बरवां शिकारपुर
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ई-केवाईसी नहीं होने के कारण दिक्कत हो रही थी। ई-केवाईसी कराने के बाद दिक्कत खत्म हो गई है। हो सकता है कि गैस मिलने में अब दिक्कत न हो।
-लालसा यादव रामनगर
वर्जन
स्थिति लगातार सामान्य हो रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी नजर रखी जा रही है। ताकि लोगों को कोई दिक्कत न हो। अफवाह पर लोगों को ध्यान देने की जरूरत नहीं है। पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है।
-एसी सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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