विदेशी मेहमानों को पसंद आई कोल्हुआ के लोगों की मेहमान नवाजी
उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों पर भ्रमण कर पहुंचा फ्रांसीसी परिवार
महराजगंज। विदेशी मेहमानों को कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां गांव के लोगों की मेहमान नवाजी खूब पसंद आई। करीब 25 दिन बाद फ्रांसीसी परिवार के सभी सदस्य गांव पहुंचे तो लोग खुशी से गदगद हो गए। उनकी टूटी फूटी हिन्दी एवं भोजपुरी भाषा सुनकर लोगों ने अपनापन महसूस किया। विदेशी मेहमान भी लोगों का स्नेह पाकर खुश हो गए। एक पल के लिए उन्हें ऐसा लगा जैसे कि वे अपने देश में हों। लोगों के अटूट प्रेम और अतिथि सत्कार की सराहना विदेशी मेहमानों ने की।
शनिवार की देर शाम को पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां प्राथमिक विद्यालय परिसर में विदेशी मेहमान पहुंचे। फ्रांसीसी परिवार के मुखिया पैलेरस पैट्रिक जोसेफ, पैलेरस वर्गनी कार, बेटी ओफली व लोला जेनिफर, बेटा पैलेरस टाम व गाइड संजय यादव एक साथ गांव में आए। लोगों ने सभी का अभिवादन किया। रात में प्राइमरी स्कूल में फ्रांसीसी परिवार के सभी सदस्य रहे। रविवार की सुबह सभी गाइड संजय यादव के घर पहुंचे। इस दौरान सभी खुश नजर आ रहे थे। संजय यादव के घर चौकी पर फ्रांसीसी परिवार के सदस्य बैठे रहे। उन्हें गर्मी न हो, इसके लिए पंखा लगाया गया था। वहीं फ्रांसीसी परिवार के मुखिया पैलेरस पैट्रिक जोसेफ चौकी के पास काफी देर तक टहलते हुए लोगों से बाते करते दिखे।
कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां निवासी गाइड संजय यादव ने बताया कि विदेशी मेहमानों की हर संभव मदद की। परिवार के सभी सदस्यों को हिन्दी समझ में आती है। उनका बेहतर ढंग से मार्गदर्शन कर निष्ठा के साथ उनकी समस्याओं को दूर करता रहा। जिससे वे काफी खुश हैं। गांव आए तो उनका सेवा सत्कार बेहतर ढंग से किया। इससे हमारे देश की छवि उनके जेहन में अच्छी होगी। बातचीत में फ्रांसीसी परिवार के सभी सदस्य यह बताए कि भारत जैसा अतिथि सत्कार कहीं नहीं मिला। यहां अतिथि देवो भव: भावना स्पष्ट रूप से दिखी।
योगेन्द्र साहनी ने बताया कि फ्रांसीसी परिवार के लोग सबके साथ इस कदर घुल मिल गए हैं कि लगता ही नहीं है कि वह अन्य जगह से आए हैं। इनके वापस आने पर गांव के लोग मिलने पहुंचे।
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सोमवार को जाएंगे दिल्ली
फ्रांसीसी परिवार सोमवार को दिल्ली जाने के बारे में जानकारी दी है। उनके द्वारा सूचना दी गई है कि दिल्ली से म्यांमार जाएंगे। उत्तराखंड भ्रमण के बाद साथ गए गाइड को उसके गांव छोड़ने आए थे। उनकी सुरक्षा के लिए दो पुलिस कर्मियों को लगाया गया है।
शाह मोहम्मद, थानाध्यक्ष पुरंदरपुर
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फ्रांसीसी परिवार ने इन जगहों का किया भ्रमण
बीते 26 अगस्त 2020 को फ्रांसीसी परिवार दिल्ली गया था। जहां से उत्तराखंड के पर्यटक स्थल कैम्पटीफाल, नैनीताल, भीम ताल, नौकुचियाताल, मंसुरी, ऋषिकेष, केदारनाथ, बद्रीनाथ, नीलकंठ, हरिद्वार समेत दर्जनों स्थलों का भ्रमण किया। फ्रांसीसी परिवार के मुखिया पैलेरस पैट्रकि जोसेफ ने बताया कि कार व कुत्ते को फ्रांस भेजने की कोशिश की, लेकिन व्यवस्था नहीं बन सकी।
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अपने जैसे लगते हैं विदेशी मेहमान
कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां मंदिर के पुजारी उदयराज दास ने बताया कि करीब 6 माह से परिवार के ठहरे होने के कारण लोगों से अपनापन जैसा लगने लगा है। ऐसे में इनके वापस आने से बेहद खुशी हुई।
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संजय को फ्रांस आने का दिया न्योता
फ्रांसीसी परिवार रविवार को गाइड संजय यादव के घर पहुंचा, जहां उसके परिवार के लोगों ने मेहमानों की खूब आवभगत की। जिसके बाद फ्रांसीसी परिवार की ओर से गाइड संजय यादव को फ्रांस आने का न्योता दिया गया।
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मैकेनिक की पत्नी को दिया उपहार
फ्रांसीसी परिवार कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां निवासी पेशे से मैकेनिक हरिकेश यादव के घर पहुंचा। जहां उसे व उसकी पत्नी को उपहार दिया। विदेशी मेहमानों से उपहार पाकर सभी खुशी से गदगद हो उठे।
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करीब पांच माह फ्रांसीसी परिवार गांव में रहा
फ्रांस के टूलूज शहर से देशाटन पर निकला फ्रांसीसी परिवार 1 मार्च 20 को बाघा बार्डर होते हुए भारत में आया। जिन्हें भारत भ्रमण के बाद नेपाल जाना था। लेकिन कोराना संक्रमण के कारण नेपाल सीमा सील होने की दशा में परिवार कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा स्थित एक मंदिर में 22 मार्च 2020 को अपना आशियाना बना लिया। जिसके बाद वीजा अवधि बढ़ाने को लेकर दिल्ली दूतावास संपर्क करने के दौरान ही बीते 13 अगस्त 20 को फ्रांसीसी युवती ओफली पैलेरस की तबियत अचानक बिगड़ गई। जांच में उसमें डेंगू का लक्षण पाया गया। 19 अगस्त 20 को युवती के स्वस्थ होने के बाद डॉक्टर द्वारा एक सप्ताह बाद स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बुलाया गया था। उसके बाद 26 अगस्त 2020 गोरखपुर पहुंचे। वहां से दिल्ली चले गए थे। करीब पांच माह फ्रांसीसी परिवार गांव में रहा।