महराजगंज जिले में सोमवार को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदला नजर आया। घने कोहरे ने जहां वाहन चालकों की मुश्किलों को बढ़ाने का कार्य किया, वहीं ठंड ने लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े पहनने को मजबूर कर दिया।
जिले में बीते पांच दिनों से कभी सुबह तो कभी शाम हल्का कोहरा हो रहा था। सोमवार सुबह से ही जिला मुख्यालय के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में कोहरे का घना स्वरूप दिखा। कोहरा इतना तेज था कि वाहन चालकों को लाइट जला कर आना-जाना पड़ा। वाहनों की रफ्तार न सिर्फ सुस्त नजर आई, बल्कि लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में भी काफी देर हुई।
जिस वाहन से लोग गोरखपुर से महराजगंज की दूरी अधिकतम डेढ़ घंटें में तय करते थे, उसे तय करने में उन्हें दो से ढाई घंटे लग गए। वाहन चालक शिवेंद्र ने बताया कि वे प्रतिदिन गोरखपुर से मुख्यालय आते हैं, घना कोहरा होने की वजह से एक घंटा अधिक समय लगा।
दस मीटर तक कुछ भी दिखाई न देने की वजह से दुर्घटना का डर भी बना रहा। दोपहर बजे के बाद कोहरा कम तो हो गया, मगर ठंड बरकरार रही। दिन में 12 बजे सूर्यदेव के दर्शन से लोगों ने राहत महसूस की। गांधी नगर के रहने वाले अमरसेन ने बताया कि मौसम को देखते हुए लोगों ने गर्म कपड़ों को रख दिया था, मगर बढ़ी ठंड ने एक बार फिर गर्म कपड़ों को निकालने के लिए मजबूर कर दिया।
ठिठुरते स्कूल पहुंचे विद्यार्थी
कोहरे व ठंड के बीच परिषदीय से लेकर माध्यमिक स्तर तक के विद्यार्थी सुबह ठिठुरते स्कूल पहुंचे। सुनील व बृजेश आदि अभिभावकों ने कहा कि मौसम में इन दिनों हो रहे बदलाव से बच्चों के स्वास्थ्य के बिगड़ने का भी डर बना हुआ है। कभी तेज धूप तो कभी कोहरे व गलन की वजह से बच्चों व बड़ों की भी समस्या बढ़ रही है।
मौसम का उतार-चढ़ाव खतरनाक, बरतें सतर्कता
जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. एवी त्रिपाठी के मुताबिक इन दिनों मौसम में हो रहा उतार-चढ़ाव खतरनाक है। मौसम की वजह से सर्दी, जुकाम, खांसी व बुखार के मरीज भी बढ़े हैं। कोल्ड डायरिया, सिरदर्द व उल्टी होने का भी इस मौसम में खतरा रहता है। ऐसे में लोग ठंड से बचाव का सभी प्रबंध करें। मौसम सामान्य होने तक रोज लोग गर्म पानी पीने की आदत डालें। नियमित रूप से ठंड से बचाव वाले कपड़ों का प्रयोग किया जाए। स्वास्थ्य संबंधी समस्या पर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक से संपर्क किया जाए।