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असलहा तस्करी का भंडाफोड़: गोरखपुर में बिश्नोई गैंग से जुड़े 5 गिरफ्तार, 4 पिस्टल-रिवाल्वर बरामद; 150 असलहा

Wed, 16 Sep 2026 10:54 AM IST
Rohit Singh अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर

सार

गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क के तार लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई से जुड़े होने की जानकारी मिली है। आरोपी श्रेयांश के साथी शशांक पांडेय के बिश्नोई गैंग से जुड़े होने और पंजाब में असलहा तस्करी के मामले में जेल जाने की बात भी सामने आई है। श्रेयांश के गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से संबंधों की भी जांच की जा रही है।
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गिरफ्तार पांच असलहा तस्कर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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एसटीएफ की गोरखपुर फील्ड यूनिट ने अंतरराज्यीय स्तर पर असलहा तस्करी के आरोप में पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चार .32 बोर पिस्टल, चार मैगजीन, एक .32 बोर रिवाल्वर और पांच कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी मध्य प्रदेश के बड़वानी और हरियाणा के सोनीपत से असलहे खरीदकर गोरखपुर समेत पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में बेचते थे।

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पुलिस के अनुसार, साेमवार की रात करीब 10:20 बजे पैडलेगंज से मोहद्दीपुर जाने वाली सड़क पर विंध्यवासिनी पार्क के पास घेराबंदी कर पांचों को पकड़ा गया।

गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के गोपालगंज विजयीपुर निवासी श्रेयांश यादव उर्फ बबलू हाल मुकाम निवासी हड़हवा फाटक, देवरिया के कोतवाली काली मंदिर वार्ड नंबर-5 निवासी अजीत यादव, गोरखनाथ के धर्मशाला बाजार निवासी अभिषेक गौड़ उर्फ भेली, तिवारीपुर के माधोपुर निवासी अभिषेक प्रजापति उर्फ अभी और गोरखनाथ के जटेपुर दक्षिणी निवासी राहुल गुप्ता शामिल हैं।

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि श्रेयांश मध्य प्रदेश के बड़वानी स्थित सेंदुआ से पिस्टल खरीदकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में बेचता था।

पुलिस के मुताबिक इंदौर और सोनीपत से जुड़े तस्करों के साथ मिलकर गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज और संतकबीरनगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में स्थानीय नेटवर्क बनाया गया था। इस नेटवर्क के जरिये सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर संपर्क कर 100 से 150 अवैध पिस्टल बेचे जाने का पुलिस ने दावा किया है।

बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की भी जांच            
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क के तार लॉरेंस बिश्नोई और अनमोल बिश्नोई से जुड़े होने की जानकारी मिली है। आरोपी श्रेयांश के साथी शशांक पांडेय के बिश्नोई गैंग से जुड़े होने और पंजाब में असलहा तस्करी के मामले में जेल जाने की बात भी सामने आई है।

श्रेयांश के गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से संबंधों की भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, गोरखनाथ क्षेत्र के चर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड में इस्तेमाल किया गया असलहा भी इसी नेटवर्क से उपलब्ध कराया गया था।

इसके अलावा मुंबई के डीएन नगर थाने में वर्ष 2025 में दर्ज प्राथमिकी में श्रेयांश समेत पांच आरोपियों को सात पिस्टल और 21 कारतूस के साथ पकड़ा गया था। श्रेयांश और उसके साथी बिट्टू इंदौरी के मध्य प्रदेश के बड़वानी में भी असलहा तस्करी के मामले में जेल जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
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पांचों के खिलाफ कैंट थाने में शस्त्र अधिनियम, गंभीर आपराधिक साजिश, उकसावे और हथियारों की तस्करी की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है। दोपहर बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है: सत्यप्रकाश सिंह, प्रभारी एसटीएफ गोरखपुर ईकाई
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