महराजगंज। जिले में मछुआरों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए मत्स्य विभाग ने नई पहल की है। जिन जगहों पर मत्स्य जीवी सहकारी समिति लिमिटेड नहीं हैं। वहां पर नई मत्स्य जीवी सहकारी समितियों का गठन जल्द किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, जिले में वर्तमान कुल 18 मत्स्य जीवी सहकारी समितियां हैं, जो मछुआरों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
इन समितियों के माध्यम से मछुआरों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं, जैसे कि मछली पालन के लिए प्रशिक्षण, उच्च गुणवत्ता वाली मछली बीज, आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति, विपणन सहायता, तथा सरकारी योजनाओं का लाभ। इसके अलावा, इन समितियों से मछुआरों को सामूहिक रूप से काम करने का अवसर मिलता है, जिससे उनका आर्थिक स्तर बेहतर होता है।
विभाग का कहना है कि जिन न्याय पंचायतों में अभी तक मत्स्य जीवी सहकारी समितियों का गठन नहीं हुआ है। वहां जल्द से जल्द समितियां बनाई जाएंगी। इसमें 83 न्याय पंचायतों में नई समितियों के गठन की व्यवस्था बनाई गई है।