तीन सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर प्रधानाध्यापक ने जान दी
विद्यालय के कमरे में मिला शव, तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज
फरेंदा/धानी (महराजगंज)। सूदखोरों की प्रताड़ना से तंग आकर प्रधानाध्यापक शिवकुमार विश्वकर्मा (45) ने स्कूल के दफ्तर में खुदकुशी कर ली। रविवार देर रात उन्हें खोजते हुए परिजन जब स्कूल पहुंचे तो इसकी जानकारी हुई। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर तीन लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। बताया जा रहा है कि जहर खाने से मौत हुई है, क्योंकि मुंह से झाग निकला हुआ था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, बृजमनगंज क्षेत्र के झांगपार निवासी शिवकुमार विश्वकर्मा (45) धानी ब्लॉक के करमहां प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात थे। रविवार सुबह जरूरी काम से विद्यालय जाने की बात कहकर वह घर से निकले थे। देर शाम तक जब घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी खोज शुरू की। उनके मोबाइल पर कॉल की गई तो फोन नहीं उठा। परिजनों ने रिश्तेदारों व परिचितों को फोन करके पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। रात में करीब आठ बजे शिव कुमार के भाई चचेरे भाई के साथ तलाश में घर से निकले और प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। स्कूल के गेट पर ताला लगा था। परिजन किसी प्रकार विद्यालय में दाखिल हुए तो बरामदे में उनकी मोटरसाइकिल खड़ी मिली।
इसके बाद प्रधानाध्यापक का कमरा देखा गया तो वह अंदर से बंद था। किसी अनहोनी की आशंका में पुलिस को सूचना दी गई। प्रभारी थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार व चौकी प्रभारी की मौजूदगी में प्रधानाध्यापक का कमरा खोला गया तो फर्श पर शिक्षक की लाश पड़ी थी। शव के बगल में सुसाइड नोट मिला। सुसाइड नोट में शिक्षक ने लिखा था कि मैंने तीन लोगों से सूद पर पैसा लिया था। पैसा चुकता करने के बावजूद तीनों मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। इस वजह से मैं अपनी जान दे रहा हूं। शिक्षक के मौत की जानकारी परिजनों को हुई तो घर में कोहराम मच गया। शिवकुमार की चार संतानों में दो बेटियां नंदनी (17), नंदिका (14) बेटा अमन कुमार (15), अमर कुमार (13) हैं। पति की मौत के बाद पत्नी सरस्वती रो-रोकर बेसुध हो रही हैं।
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सुसाइड नोट के आधार पर प्रधानाध्यापक की पत्नी की तहरीर पर आरोपी तेज प्रताप सिंह, रानू सिंह निवासी महदेवा व रविंद्र सिंह निवासी सिद्धार्थनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का सही कारण पता चल सकेगा।
- कोमल प्रसाद मिश्रा, क्षेत्राधिकारी, फरेंदा
आश्रित कोटे से शिक्षक बने थे शिवकुमार
धानी। प्रधानाध्यापक शिवकुमार विश्वकर्मा अपने पिता स्व. सरयू प्रसाद की नौकरी के दौरान मौत के बाद आश्रित कोटे से साल 1997 में अध्यापक के पद पर नियुक्त हुए थे। वह दो भाइयों में बड़े थे। छोटे भाई रामकुमार टेंट हाउस की दुकान चलाते हैं।
शिक्षक की मौत दुर्भाग्यपूर्ण है। शिक्षक के परिवार के साथ शिक्षक संघ खड़ा है। अगर शिक्षक को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा। शिक्षक की मौत के जिम्मेदार लोगों की शीघ्र गिरफ्तारी होनी चाहिए।
- केशव मणि, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
परिवार के सामने जीविकोपार्जन का संकट
शिवकुमार की मौत के बाद परिवार के सामने जीविकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है। उनकी चार संतानें हैं जो नाबालिग हैं। उनके पालन-पोषण के साथ पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था कैसे होगी यह बड़ा सवाल बन गया है।
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शिक्षक शिवकुमार की फाइल फोटो- फोटो : MAHARAJGANJ