एडीओ कृषि व राजकीय बीज भंडार के प्रभारियों को इसके लिए निर्देश दिए गये
महराजगंज। एक से 30 दिसंबर तक कृषि विभाग विकसित संकल्प अभियान के सहारे किसानों को उर्वरक की पहचान सिखाएगा। ब्लाक से लेकर ग्रामीण अंचल तक टीम कृषि विभाग की टीम किसानों को उर्वरक पहचान के तरीके बताएगी जिससे किसान असली व मिलावटी उर्वरक पहचान सकें। एडीओ कृषि व राजकीय बीज भंडार के प्रभारियों को इसके लिए निर्देश दिए गये हैं।
किसानों को मिलावटी खाद के प्रति जागरूक करने के लिए कृषि विभाग विकसित कृषि संकल्प अभियान को धार देगा। अभियान के तहत ब्लाॅक से लेकर गांवों तक जागरूकता गोष्ठियां होंगी। इसमें जैविक अन्न उत्पदान के साथ किसानों को असली-नकली खाद की पहचान का तरीका बताया जाएगा। विकसित कृषि संकल्प अभियान निदेशालय स्तर से प्रभावी कर खेती के उन्नतिशील तरीके, जैविक खेती इत्यादि के लिए प्रेरित करने का कार्य करना है। स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग ने इसके दायरे में उर्वरक मिलावट की पहचान करना भी शामिल किया है।
उर्वरक की पहचान
उप कृषि निदेशक संजीव कुमार पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि उर्वरक की पहचान आसान है। डीएपी- यह सूखा व दानेदार, काला, भूरा व बादामी रंग का होता है। नाखून में लगने पर आसानी से रंग नहीं छूटता। दानों में चूना मिलाकर मलने पर तेज गंध आती है। धीमी आंच पर गर्म करने पर दाना फूलता है। यूरिया- यह सफेद चमकदार समान आकार का गोल दाना है। यह गर्म तवे पर रखने से पिघलता है। पानी व नमी में घुलता है। छूने पर शीतल प्रतीत होता है। पोटाश- यह सफेद पिसे नमक व लाल मिर्च के मिश्रण जैसा होता है। नमी में भी इसके कण आपस में नहीं चिपकते।
विकसित कृषि संकल्प अभियान की जागरूकता गोष्ठी में खेती के उन्नत विधियों, जैविक खेती लाभ के साथ उन्हें असली-नकली उर्वरक की पहचान का तरीका भी बताया जाएगा। इसके लिए एडीओ कृषि व बीज भंडार इंचार्ज को निर्देश दिए गए हैं। शैलेंद्र प्रताप सिंह, जिला कृषि अधिकारी