महराजगंज। शासन ने भूमि विवाद को सुलझाने के लिए रियल टाइम खतौनी बनाई है। अभी तक जो खतौनी खाता संख्या से निकलती थी वह अब आराजी संख्या से निकलने लगी है। एक खसरे में जितने खाते होते हैं, उसके हिसाब से प्रति आराजी संख्या के लिए 15 रुपये किसानों को भुगतान करना पड़ रहा है। एक खसरा में पचास आराजी संख्या है, तो उसे प्रत्येक आराजी संख्या के हिसाब से भुगतान करना होगा। ऐसे में किसानों की जेब ढीली हो रही है। मंगलवार को निचलौल तहसील पर रियल टाइम खतौनी लेने के लिए किसान उमड़े रहे। शासन ने भूमि विवाद सुलझाने के रियल टाइम खतौनी तैयार करने की योजना बनाई। इस रियल टाइम खतौनी में प्रत्येक खातेदार का अलग से हिस्सा दर्शाया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार के बंटवारे में असुविधा न हो। इससे पहले शामिल खाते में नाम दर्ज होने से भूमि पर प्रत्येक खातेदार का समान हिस्सा होता था। अगर कोई खातेदार अपनी भूमि का कुछ हिस्सा विक्रय करता था तो वह पूरे खाते से जमीन घटाई जाती थी, लेकिन रियल टाइम खतौनी से यह सुविधा मिलेगी। जो हिस्सेदार अपने हिस्से की जमीन बेचेगा उसी के हिस्से में वह जमीन कम कर खाते में दर्ज की जाएगी, लेकिन इस रियल टाइम खतौनी से अब आराजी संख्या से नकल निकलने के कारण आर्थिक बोझ बढ़ गया है।