धान-गेहूं की पारंपरिक खेती के साथ जैविक खेती, मशरूम उत्पादन और मछली पालन पर दिया जोर
परतावल। ब्लॉक सभागार परतावल में सोमवार को कृषि उत्पादक संगठन (एफपीओ) एवं प्रगतिशील कृषकों की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए जाने वाले कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने किसानों को पारंपरिक खेती के साथ कृषि की नई विधाओं को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में कहा गया कि किसान केवल धान और गेहूं की खेती तक सीमित न रहें बल्कि अपनी भूमि और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार अन्य कृषि गतिविधियों को भी अपनाएं। किसानों को जैविक खेती, मशरूम उत्पादन, मछली पालन, दुग्ध उत्पादन और मोटे अनाज की खेती के लिए प्रेरित किया गया। इससे किसानों को खेती के साथ अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध हो सकेंगे। अधिकारियों ने एफपीओ के माध्यम से किसानों को एकजुट होकर कृषि उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़ने की जानकारी दी। किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक अपनाने और बदलते समय के अनुसार खेती में विविधता लाने पर भी जोर दिया गया।
इस दौरान खंड विकास अधिकारी कृष्ण कांत शुक्ला, सहायक विकास अधिकारी कृषि सोनू कुमार, कृषि रक्षा गंगा प्रसाद समेत प्रगतिशील किसान संदेश पटेल, आनंद सिंह, जयप्रकाश यादव, जंग बहादुर सिंह, उमेश सिंह सहित अन्य किसान मौजूद रहे।