निचलौल। एक किसान की अगैती खेती की खूब चर्चा हो रही है। दूर-दूर से लोग किसान के पास पहुंच रहे हैं, और उनसे अगैती खेती के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं। लोग किसान के खेत तक भी पहुंच रहे हैं। जहां धान की बालियां लहलहा रही हैं। जबकि जिले में अभी धान की रोपाई समाप्त हुई है।
सिधावे निवासी किसान गिरिजेश पटेल वर्तमान में गांव के ग्राम प्रधान भी हैं। इन्होंने करीब 75 डिस्मिल खेत में अगैती धान की खेती की है। गिरिजेश ने 23 फरवरी को नई किस्म के धान कृष्णा संभा का बीज खेत में डाला था। ठीक पच्चीस दिन बाद 18 मार्च को उन्होंने धान की रोपाई कराई और समय-समय पर फसल को पानी देते रहे। अब उनके खेत में धान की फसल लगभग पक कर तैयार है। जल्द ही इसकी कटाई कराई जाएगी।
किसान गिरिजेश का कहना है, कि किसानों को नई तकनीक से खेती करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कृष्णा संभा बीज का उपयोग करने पर 105 दिनों में फसल कटाई के लिए तैयार हो जाती है। एक एकड़ में छह किलोग्राम बीज डालना होता है, जबकि पैदावार 24 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से होती है। इस धान का चावल महंगे दामों में बेचा जाता है। इस धान पौधे की ऊंचाई 75 से 80 सेंटीमीटर तक होती है।
धान की रोपाई करने के बाद तीन बार पंपसेट से सिंचाई करना पड़ा था। उसके बाद नहर में पानी आने से फसल की सिंचाई करना बेहद आसान हो गया। बहुत जल्द धान की कटाई कराकर उक्त खेत में पुनः धान के जमुना गोल्ड बीज की रोपाई कराई जाएगी। जिसे पकने के लिए लंबा समय लगता है। इसका पैदावार प्रति एकड़ करीब 32 क्विंटल होता है। इन्होंने कहा की पिछले तीन वर्षों से वह लगातार अगैती धान की फसल लगाकर खेती से अच्छी रकम कमा रहे हैं।