मनरेगा में 1.28 करोड़ का फर्जी भुगतान, छह पर केस
महराजगंज। परतावल ब्लॉक के बाद घुघली ब्लॉक में भी मनरेगा से 1.28 करोड़ रुपये के फर्जी भुगतान का मामला सामने आ गया है। फर्जी भुगतान के मामले में बीडीओ घुघली की तहरीर पर तत्कालीन एपीओ के खिलाफ 48 लाख रुपये का फर्जी भुगतान कराकर गबन करने तथा उसी ब्लॉक में अन्य सात कार्यों के नाम पर 80 लाख रुपये के फर्जी भुगतान के मामले में तत्कालीन एपीओ समेत छह लोगों के विरुद्ध सदर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
परतावल ब्लॉक में बिना काम कराए भुगतान कराने का मामला चल ही रहा था कि घुघली ब्लॉक के विभिन्न ग्राम पंचायतों में काम के नाम पर फर्जी भुगतान की बात सामने आ गई। जिम्मेदारों ने छह सदस्यीय समिति गठित कर जांच कराया तो यह तथ्य प्रकाश में आया कि निवर्तमान अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी द्वारा लाइन विभाग के रूप में कार्य करने वाले उद्यान विभाग में मस्टर रोल जारी करते हुए 4822191 रुपये का फर्जी तरीके से भुगतान कराते हुए गबन किया गया। घुघली ब्लॉक के विभिन्न ग्राम पंचायतों में भी सात कार्यों के नाम पर डिजिटल हस्ताक्षर का प्रयोग करते हुए 80 लाख रुपये का भुगतान करा लिया गया। इस मामले में निवर्तमान एपीओ विनय मौर्य, तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर यशवंत यादव, दैनिक कंप्यूटर ऑपरेटर प्रदीप शर्मा, ठेकेदार दिनेश मौर्य तथा दो फर्मों के मालिक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि सदर कोतवाल मनीष सिंह ने की। वहीं सीओ सदर अजय सिंह चौहान से शाम 5:25 बजे मोबाइल फोन पर पक्ष लेने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि अभी व्यस्त हूं। कोतवाली से जानकारी हासिल कर लें।
समाप्त की जाएगी कंप्यूटर ऑपरेटर की सेवा
फर्जी भुगतान के मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद घुघली ब्लॉक में तैनात रहे तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर यशवंत यादव व दैनिक कंप्यूटर ऑपरेटर प्रदीप शर्मा की सेवा समाप्त की जाएगी। इस दिशा में कार्रवई शुरू कर दी गई है। गबन की गई धनराशि की वसूली कराने का भी प्रयास होगा।