बसों में फाॅग लाइट नहीं कोहरे में यात्रा खतरनाक
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महराजगंज। ठंड शुरू हो गई है। रात और सुबह कोहरे का असर दिखने लगा है लेकिन रोडवेज प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा के प्रति सतर्क नहीं है। आलम यह है कि अब तक रोडवेज की बसों में फाग लाइट की व्यवस्था तक नहीं की गई है। ठंड बढ़ने के साथ ही कोहरा ज्यादा होने की स्थिति में रोडवेज की बसों से यात्रा लोगों के लिए सुरक्षा की दृष्टि से खतरनाक हो सकती है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बसों में फाग लाइट लगवाने के लिए निचलौल डिपो प्रशासन की ओर से कुछ खास पहल भी अब तक नहीं की गई है। यह स्थिति तब है जबकि यातायात माह के तहत सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
ठंड के मौसम में कोहरा होने की स्थिति में पीले रंग की फॉग लाइट उपयोगी मानी जाती है। निचलौल डिपो की 41 बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं और अधिकांश बसों में फॉग लाइट नहीं लगी है। कोहरे के समय सुरक्षा के लिए फाग लाइट के इस्तेमाल व जरूरत पड़ने पर सभी लाइटों को जला कर चलना जरूरी है। कोहरा ही नहीं, सामान्य दिनों में भी रात में बस दूर से दिखाई दे, इसके लिए रेडियम लाइट होनी चाहिए। परंतु रोडवेज की बसें बदहाल हैं। सर्दी के मौसम में सुबह के वक्त कोहरा होने के कारण बसों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। आत्माराम गुप्त का कहना है कि ठंड शुरू हो गई है। ऐसे में रोडवेज की बसों में फाग लाइट जरूरी है। पता नहीं किन कारणों से निचलौल डिपो की ओर से बसों में अभी तक फाग लाइट नहीं लगवाए गए हैं। ज्यादा कोहरा पड़ने पर समस्या हो सकती है। सूरज मद्धेशिया का कहना है कि रात में कोहरा पड़ने लगा है। इससे रोडवेज की बसों से सफर करने में डर लगने लगा है। बसों में फाग लाइट की व्यवस्था जरूरी है। यात्रियों की सुरक्षा के प्रति परिवहन निगम गंभीर नहीं है। मनीष पांडेय का कहना है कि रोडवेज की बसों में फाग लाइट नहीं है जिससे रात के समय में परेशानी हो सकती है। इन दिनों सुबह के समय कुछ देर तक कोहरा रहता है। लेकिन ठंडी बढ़ेगी तो समस्या बढ़ सकती है। निचलौल डिपो के फोरमैन रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि फाग लाइट के लिए निर्देश मिले हैं। जल्द ही सभी बसों में फाग लाइट लगा दिए जाएंगे। कुछ बसों में इसकी व्यवस्था कर दी गई है।