निचलौल। सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सरकार जागरूकता के साथ तमाम प्रयास कर रही है, लेकिन लापरवाही की वजह से सरकारी स्कूलों में न तो शिक्षा व्यवस्था सुधर रही है। न ही इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा हो रहा है। यह तस्वीरें शुक्रवार को अमर उजाला की पड़ताल में देखने को मिली। इस दौरान अधिकांश विद्यालयों में शिक्षक छुट्टी लेकर और आवश्यक कार्य के नाम पर नदारद रहे। वहीं एक मुसहर बस्ती में स्थित विद्यालय के शिक्षक दोस्त के साथ बरामदे में बैठे हंसी मजाक करने में व्यस्त रहे, जबकि बच्चे कमरे के अंदर सो रहे थे।
केस एक
10:45 बजे सेमरहना स्थित प्राथमिक विद्यालय में दो शिक्षक दो कमरों में बैठे बच्चों को पढ़ा रहे थे। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विनय कुमार खरवार ने बताया कि विद्यालय में उनके अलावा एक सहायक अध्यापक दिलीप कुमार की तैनाती है। दोनों विद्यालय में उपस्थित हैं। विद्यालय में 98 बच्चे पंजीकृत हैं। इसमें से 78 बच्चे उपस्थित मिले। विद्यालय में पेयजल और शौचालय के अलावा बिजली का भी इंतजाम ठीक है।
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केस नंबर दो
11:05 बजे कंपोजिट विद्यालय झुलनीपुर में बच्चे मिड डे मील का भोजन कर रहे थे। वहीं एक सहायक शिक्षक अश्वनी मौर्य बरामदे में बैठे नजर आए। इन्होंने कहा कि विद्यालय में उनके अलावा योगेंद्र प्रताप श्रीवास्तव प्रधानाध्यक, यशवंत यादव, राम धवन मौर्य सहायक अध्यापक और सरोज सिंह, अमरनाथ यादव शिक्षक मित्र सहित छह लोगों की तैनाती है। विद्यालय में अश्वनी मौर्य और सरोज सिंह मौजूद रहीं। इन्होंने कहा कि अन्य लोग छुट्टी पर हैं। विद्यालय में महज 79 बच्चे पंजीकृत हैं, जबकि 65 बच्चे उपस्थित रहे। यहां पेयजल और बिजली की हालत ठीक देखने को मिली, जबकि शौचालय साफ-सफाई न होने के चलते खराब पड़ा था।
केस नंबर तीन
12:12 बजे प्राथमिक विद्यालय बहुआर में प्रधानाध्यापक बृजेश कुमार सिंह अपने कक्ष से मोबाइल पर बात करते हुए बाहर निकले। उसके बाद कमरे में शोर-शराबा कर रहे बच्चों को शांत करने लगे। कुछ देर बाद पूछताछ में इन्होंने बताया कि विद्यालय में कुल 142 बच्चे पंजीकृत हैं, जबकि 103 बच्चे उपस्थित रहे। वहीं उनके अलावा सहायक अध्यापक बबिता यादव, गोविंदा राम के अलावा शिक्षामित्र अशर्फी लाल की तैनाती है। अशर्फी लाल एक कमरे में बच्चों को पढ़ा रहे थे, जबकि प्रधानाध्यापक ने आगे कहा कि गोविंदा राम छुट्टी पर हैं। वहीं बबिता की तबीयत खराब होने पर घर चली गई हैं। विद्यालय में शौचालय बिजली की व्यवस्था देखने को मिली, जबकि पेयजल की स्थिति खराब रही।
केस नंबर चार
12:52 बजे प्राथमिक विद्यालय कटान टोला में प्रधानाध्यापक पंकज गौंड बरामदे में बैठकर एक व्यक्ति से बात कर हंस रहे थे, जबकि एक बगल के कमरे में करीब 12 की संख्या में कुछ बच्चे लोट-पोट कर रहे थे। वहीं इसी कमरे में कुछ बच्चे जमीन पर बिछी चटाई पर सो रहे थे। वहीं इसी कमरे में एक युवती भी कुर्सी लगाकर बैठकर मोबाइल चलाती नजर आई। प्रधानाध्यापक ने पूछताछ में बताया कि मुसहर बस्ती में स्थित इस विद्यालय में कुल 60 बच्चे पंजीकृत हैं, जबकि 35 उपस्थित हैं। वहीं उनके अलावा विद्यालय में सहायक अध्यापक अश्वनी पांडेय, रवि शांति की भी तैनाती है, लेकिन वह लोग छुट्टी पर हैं। विद्यालय में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं थी, जबकि बिजली और शौचालय की व्यवस्था ठीक देखने को मिली।
निरीक्षण कर कार्रवाई की जाएगी
विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए विभाग की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है। वहीं विद्यालयों का अचानक निरीक्षण कर जिम्मेदारों के खिलाफ काईवाई भी की जाती है।
-अरविंद कुमार मिश्रा, खंड शिक्षा अधिकारी, निचलौल