महराजगंज। जिस स्थान पर पहले लोग जाना पसंद नहीं करते थे, जहां कूड़े और गंदगी का अंबार लगा रहता था। आज वह ग्रामीणों के लिए सैर-सपाटा का स्थान बन गया है। करमहा गांव में बना अमृत सरोवर आज देखते ही बनता है। यहां छायादार वृक्ष और सुंदर पाथवे बनाए गए हैं। यहां का पानी भी आसमान की तरह नीला नजर आता है। ग्रामीण सुबह-शाम टहलने आते हैं। घंटों यहां समय बिताते हैं।
प्रदेश में अमृत सरोवरों के निर्माण में महराजगंज जनपद तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। 882 ग्राम पंचायतों में 689 अमृत बनाए जाने थे। अब तक 601 सरोवरों का काम पूरा हो गया है। अन्य स्थानों पर काम चल रहा था, लेकिन बारिश की वजह से ठप पड़ा है। अमृत सरोवर के निर्माण से जहां ग्रामीणों को सुबह-शाम टहलने के लिए एक स्थान मिल गया है, वहीं मनरेगा मजदूरों के लिए भी यह लाभदायक साबित हो रहा है। तालाब की खोदाई से मनरेगा मजदूरों को गांव में ही काम मिल जा रहा है। इससे उन्हें दूसरे प्रदेश में नहीं जाना पड़ रहा है।
यहां पर लोगों को बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सियां लगाई गई हैं। ग्राम करमहा में निवासी मालती देवी ने कहा कि सरकार ने गांव में अमृत सरोवर बनवाकर बहुत अच्छा किया। पहले गांव में बैठने के लिए स्थान नहीं था अब सुबह-शाम गांव की महिलाओं के साथ यहां पर टहलने के लिए आती हूं। गांव के पुरुष और युवा भी यहां पर टहलने आते हैं। संवाद
इन गांवों में अमृत सरोवर बनकर तैयार
विकास खंड पनियरा के ग्राम पंचायत राज मंदिर, रजौड़ा, घुघली के बसंतपुर, बासपार मिश्रा, मिठौरा के मठिया, मिश्रौलिया, निचलौल के बजहां, पिपरिया, नौतनवां के सिरसिया मशिरकी व हरपुर समेत अन्य ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर पूर्ण कर लिए गए हैं।
जनपद में अमृत सरोवरों की स्थिति
विकास खंड ग्राम पंचायत लक्ष्य पूर्ण
महराजगंज 60 35 29
मिठौरा 82 80 72
परतावल 77 72 68
निचलौल 108 59 51
नौतनवा 97 82 80
पनियरा 72 73 69
फरेंदा 71 67 67
बृजमनगंज 65 37 27
लक्ष्मीपुर 96 50 38
घुघली 74 71 70
सिसवां 60 37 24
धानी 20 6 6