बारिश की वजह से बच्चों की हाजिरी कम, नहीं हुई पढ़ाई
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। बारिश की वजह से परिषदीय स्कूलों में पठन-पाठन आगाज ही खराब रहा। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही। बारिश ने गुरूजी की लाज बचा दी, अन्यथा बच्चों को स्कूलों तक लाने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती। नामांकन के सापेक्ष बच्चों की उपस्थिति बेहतर करने के लिए विभाग की ओर से किए गए प्रयास की हकीकत बारिश में छिप गई। स्कूलों में पढ़ाई का पहला दिन तो गुरूजी का बच्चों के इंतजार में गुजर गया।
यही नहीं, कहीं स्कूल बंद मिले तो कहीं मैडम हाजिरी बनाकर घर चली गईं। कुछ बच्चे विद्यालयों में आए भी तो वह बरसात के कारण भीग गए थे। स्कूलों में बच्चे पहुंचे तो उन्हें पढ़ाने की फुर्सत गुरू जी को नहीं रही। शिक्षक विद्यालयों में आपस में बैठकर बातचीत करते दिखे। सिसवां क्षेत्र में एक स्कूल तो पानी से घिर गया है। यहां बच्चे और गुरूजी दोनो का पता नहीं था। अमर उजाला की टीम ने झमाझम बारिश के बीच स्कूलों में पठन पाठन व्यवस्था का जायजा लिया तो बेसिक शिक्षा विभाग की पूरी तैयारी की पोल खुल गई। सुबह करीब 8ः14 बजे नगर का प्राथमिक विद्यालय द्वितीय का गेट खुला था। बारिश में दो बच्चे छाता लेकर स्कूल पहुंचे। कक्षा चार के आदित्य और आकाश ने बताया कि स्कूल का पहला दिन था। इसलिए समय से स्कूल पहुंचे। छाता लगाकर आने पर भी कपडे़ भीग गए। प्रधानाध्यापिका साधना सिंह, सहायक अध्यापक श्वेता श्रीवास्तव बैठ कर जरूरी प्रपत्रों को दुरुस्त कर रही थीं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि रसोइयां अमरावती बच्चों को बुलाने नगर में गई है। बारिश की वजह से बच्चे कम आए हैं। स्कूल में 125 बच्चे पंजीकृत हैं। एक कमरे में छत से पानी टपकता है। थोड़ी देर में कक्षा पांच की रंजू और कक्षा दो के विद्यार्थी सूरज, शालिनी पहुंचे। यह तीनों विद्यार्थी पानी से भीग गए थे। कमरे में जाकर कपड़े सुखाने लगे।