भिटौली। एक तरफ सरकार गांव-गांव तक पक्की सड़क और जल निकासी के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं परतावल की ग्राम पंचायत तरकुलवा तिवारी का केवटान टोला के 200 लोग रास्ते के अभाव में घुटने भर पानी से आवागमन कर रहे हैं। इस बस्ती को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला 100 मीटर का आम रास्ता आज तक नहीं बन पाया है। तरकुलवा तिवारी के केवटान टोले में लगभग 25 घरों में बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और बच्चों सहित करीब 200 लोग निवास करते हैं। इस पूरी बस्ती के लोगों के पास अपने टोले से मुख्य मार्ग तक जाने के लिए कोई आम रास्ता नहीं है। मजबूरी में ग्रामीण खेतों की पगडंडी के सहारे किसी तरह मुख्य सड़क तक पहुंचते हैं। बरसात के मौसम में पूरे टोले के चारों तरफ जलभराव हो जाता है और मुख्य मार्ग तक जाने वाला पगडंडी वाला रास्ता घुटने भर पानी में डूब जाता है।
ग्रामीणों को राशन, दवा, बाजार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इसी पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है। छोटे-छोटे स्कूली बच्चे अपना स्कूल ड्रेस घुटनों तक मोड़कर, बस्ता पीठ पर लादकर पानी में घुसकर स्कूल आने-जाने को मजबूर हैं। बीमार होने पर एम्बुलेंस तो दूर, चारपाई पर मरीज को कंधे पर लेकर पानी पार कराना पड़ता है। खंड विकास अधिकारी परतावल कृष्णकांत शुक्ला ने कहा कि समस्या का स्थलीय निरीक्षण कराकर शीघ्र ही समस्या का समाधान कराया जाएगा और आम रास्ते के लिए भूमि चिह्नित कर कार्य प्रस्ताव में लिया जाएगा।
गांव के सनोज साहनी, कमल, मुराली, लालबचन, सूरज, वंदना देवी, इंद्रावती देवी, तेतरा देवी, पुनीता देवी ने बताया कि रास्ते के निर्माण के लिए कई बार ग्राम प्रधान, पंचायत प्रतिनिधियों, क्षेत्र पंचायत और अन्य जनप्रतिनिधियों से लिखित और मौखिक मांग की गई। हर बार उन्हें सिर्फ एक ही जवाब जमीन का अभाव, बताया जाता है। इसी बहाने से सभी जिम्मेदार पल्ला झाड़ लेते हैं। ऐसे में हम लोगों को वर्षों से परेशानी झेलनी पड़ रही है।