महराजगंज। कृषि के मुख्य समय को देखते हुए अब किसानों में डीएपी खाद की मांग बढ़ गई है। किसानों की बढ़ती मांग को देखते हुए जहां उपलब्धता व मांग के अनुसार खाद भेजा जा रहा है। वहीं आगामी दिनों में खाद की समस्या को कम करने के लिए प्रशासन ने भी अपर मुख्य सचिव कृषि को पत्र भेजकर 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी की मांग की है। यदि मांग के अनुरुप खाद मिल गई तो किसानों की मुश्किल काफी कम हो जाएगी।
महराजगंज जिले में इस सीजन में लगभग 22 हजार मीट्रिक टन डीएपी खाद की आवश्यकता है। जिसकी तुलना में लगभग आठ हजार मीट्रिक टन फास्फेटिक खाद का वितरण भी कर दिया गया है। अब लगभग 14 हजार मीट्रिक टन की आवश्यकता पड़ेगी, जिसकी आवश्यकता को देखते हुए प्रशासन ने समितियों व निजी क्षेत्रों के लिए लगभग 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी की मांग की है। यह खाद मिल गई तो किसानों की मुश्किलों को कम करने में काफी सहूलियत मिलेगी। सहायक निबंधक सहकारिता सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि समितियों से जुड़े किसानों ही मुश्किलों को कम करने के लिए डीएपी की उपलब्धता की दिशा में नियमित रूप से प्रयास किया जा रहा है।
बफर गोदाम में भी उपलब्ध है लगभग 2200 मीट्रिक टन डीएपी
जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि बफर गोदाम में भी अभी लगभग 2200 मीट्रिक टन डीएपी की उपलब्धता है। ऐसे में यदि 10 हजार मीट्रिक टन डीएपी मिल गई तो 80 प्रतिशत से अधिक समस्या तो दूर हो जाएगी।
जिले में डीएपी खाद की आवश्यकता को देखते हुए अपर मुख्य सचिव कृषि को पत्र भेजकर डीएपी की चार रैक खाद उपलब्ध कराने की मांग की गई है। खाद के मिल जाने से किसानों की समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
-अनुनय झा, जिलाधिकारी