महराजगंज। जनपद में वैज्ञानिक तरीकों से कृषि कार्य को बढ़ावा देने के प्रयास में कृषि विभाग जुटा है। इसी क्रम में प्रत्येक ब्लाक से दो-दो समूह की महिलाओं को विभाग की तरफ से एक-एक ड्रोन उपलब्ध कराया गया है।
शेष को जुलाई माह तक ड्रोन देने की तैयारी है। ड्रोन की मदद से कृषि सखियां यूरिया, डीएपी ही नहीं कीटनाशक दवाओं का छिड़काव भी ड्रोन की मदद से किसानों के लिए करेंगी। 50 रुपये प्रति घंटा की दर से शुल्क लेकर कमाई भी कर सकेंगी।
जनपद में कृषि विभाग की ओर से सदर की दो महिलाओं को जहां ड्रोन उपलब्ध करा दिया गया है वहीं 22 को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देकर संचालन में दक्ष किया गया है। ड्रोन की आपूर्ति भी विभाग को जुलाई तक मिलने की उम्मीद है।
अधिक मात्रा में उर्वरक और कीटनाशक उपयोग फसलों के साथ मिट्टी की सेहत को भी नासाज कर सकता है। इसपर नियंत्रण के लिए विभाग मिट्टी की जांच में जुटा है, जिससे कमी के मुताबिक उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा सके। इसके अलावा लिक्विड उर्वरक को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग की ओर से आजीविका समूह की महिलाओं का चयन कर उन्हें ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिलाया जिससे वह खेत में उर्वरक व कीटनाशक छिड़काव कर कमाई कर सकें।
विभाग का मानना है कि इस तकनीक से जरूरत के मुताबिक न सिर्फ उर्वरक व कीटनाशक का उपयोग किसान करेंगे बल्कि उर्वरक व कीटनाशक छिड़काव के लिए मजदूर तलाशने व देखभाल की समस्या से भी निजात मिलेगी। सदर ब्लॉक के एडीओ आईएसबी नागेंद्र देव पांडेय के मुताबिक एक हेक्टेयर कृषि भूमि पर खाद या कीटनाशक छिड़काव के लिए एक से दो कर्मी रखने पड़ते हैं जिसमें कम से कम 400 रुपये का खर्च पड़ता है। वहीं ड्रोन से यह छिड़काव एक से डेढ़ घंटे में ही हो रहा और खर्च घटकर सिर्फ 100 रुपये पड़ रहा।
सदर आजीविका ब्लाॅक समूह ब्लॉक मिशन मैनेजर अनिल विश्वकर्मा ने बताया कि ब्लाक की बड़हरा रानी की सीरमती देवी और बांसपार बैजौली की कुंती देवी को चार माह पहले ड्रोन व प्रशिक्षण कृषि विभाग से मिल चुका है जो फसल पर दवा व लिक्विड उर्वरक छिड़काव ड्रोन से करते हुए कमाई कर रही हैं। बागापार की दो अन्य समूह महिलाओं को भी ट्रेनिंग मिल चुकी है ड्रोन मिलने का इंतजार है।