धान की फसल पर मौसम मेहरबान, सूखती फसल को मिली संजीवनी
जिले में 1 लाख 65 हजार हेक्टेयर में हुई है धान की खेती
रोपाई के बाद से नहीं हो सकी थी बेहतर ढंग से सिंचाई
महराजगंज। बारिश से धान की फसल को काफी फायदा हुआ है। बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश बृहस्पतिवार दोपहर तक हुई। इससे सूखती फसल को संजीवनी मिली। किसानों ने मौसम की मेहरबानी देखकर थोड़ी राहत महसूस की है।
बीते माह कम बारिश होने के कारण धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है, लेकिन अब बारिश देखकर किसान इस उम्मीद में हैं कि इस बार कुछ पैदावार हो जाएगी।
जानकारी के अनुसार जिले में 1 लाख 65 हजार हेक्टेयर में धान की खेती हुई है। इस बार शुरूआत से ही किसानों को समस्या झेलनी पड़ी। पंपिंग सेट से सिंचाई कर किसी तरह से किसानों ने रोपाई की तो वह सूखने लगी। जिन किसानों की फसल बच गई, उन्हें इस बारिश से काफी लाभ मिला है। बारिश होने के बाद किसान खेत में यूरिया का छिड़काव करने में जुटे हैं।
गौनरिया राजा गांव के चंद्रशेखर यादव ने बताया कि रोपाई के बाद खेत में कुछ हिस्सा सूख गया था, लेकिन बारिश होने के बाद यूरिया का छिड़काव किया, इससे काफी लाभ हुआ है। चेहरी के गोपाल ने बताया कि फसल के लिए बारिश लाभकारी साबित हुई है। ऐसे ही बारिश होती रही तो ठीक रहेगा।
कृषि विज्ञान केंद्र बसूली के कृषि वैज्ञानिक डॉ. बी. चंद्रन ने कहा कि शुरुआती धूप से फसलों पर कुछ असर पड़ा है। फिलहाल, इन दिनों हो रही बारिश धान के फसलों के लिए संजीवनी साबित हो रही है।
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बस स्टेशन कीचड़युक्त तो सड़कों पर कुछ देर जलभराव
बारिश होने के कारण कुछ देर के लिए शहर के राजीव नगर, लोहिया नगर समेत अन्य मोहल्ले की सड़कों पर जलभराव होने से परेशानी हुई। आबकारी एवं सीएमओ कार्यालय परिसर में जलभराव रहा। बस स्टेशन परिसर में मिट्टी होने के कारण कीचड़ हो गया था, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।