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Maharajganj News: आवास योजना में भ्रष्टाचार और दलालों की मनमानी से लाभार्थियों के सपने अधूरे

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पीड़ित ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक शिकायत कर जांच की कर रहे मांग
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पीड़ित हैं परेशान, कहीं नहीं हो पा रही है सुनवाई,
संवाद न्यूज एजेंसी

निचलौल। सरकार क्षेत्र के गांवों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने के लिए रकम दे रही है। आवास योजना में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। गांवों में यह योजना लाभार्थियों की छत लगने से पहले दलालों को अमीर बना रही है। ऐसे में तमाम लाभार्थियों को अपने छत के सपने के अधूरे रहने का डर सता रहा है। लाभार्थियों की ओर से एसडीएम से की गई शिकायत के आधार पर पड़ताल की गई तो भ्रष्टाचार की परत दर परत खुल रही है।

हर रोज अधिकारियों को लाभार्थियों की ओर से मिल रही शिकायतों के आधार पर माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में व्यापक भ्रष्टाचार है। भ्रष्टाचार कई स्तर पर है। सरकार को लगता है कि डीबीटी यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के कारण भ्रष्टाचार कम हुआ है, लेकिन जिम्मेदार और दलालों के बीच गहरी सांठगांठ से भ्रष्टाचार बढ़ गया है।
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केस नंबर एक ओबरी गांव के टोला बनकटवा के रहने वाले पूर्णमासी ने एसडीएम को शिकायत पत्र के साथ नोटरी देकर बताया है कि पात्रता के आधार पर उन्हें पीएम आवास योजना का लाभ मिला है। आवास की पहली किस्त आते ही एक व्यक्ति की ओर से 10 हजार रुपये की मांग की गई। जिसके बाद रिश्तेदारों की मदद से किसी तरह 9 हजार रुपये इकट्ठा कर दिए। मांग के हिसाब से रकम कम दी तो मामला लटका दिया।




केस नंबर दो बूढ़ाडीह कला गांव की रहने वाली बेबी ने एसडीएम को शिकायत पत्र के साथ नोटरी देकर बताया है कि उन्हें सरकारी आवास उपलब्ध कराया गया है। चारों तरफ से दीवार खड़ी हो चुकी है। अब उन्हें महज छत लगानी है। आवास की किस्त आने पर एक व्यक्ति की ओर से 10 हजार रुपये की मांग की गई। रिश्वत न देने पर छत लगाने में अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है, जिसे लेकर वह काफी परेशान है।




केस नंबर तीनबैदौली गांव की रहने वाली आशा ने एसडीएम को शिकायत पत्र देकर बताया है कि पति चुल्हाई चौहान पैर से दिव्यांग हैं। पक्का मकान नहीं है। मजदूरी करके दिव्यांग पति और बच्चों का परवरिश करती हैं। उनका नाम आवास सूची में दर्ज था। उम्मीद जगी थी कि योजना का लाभ मिलने से घर की दिक्कत समाप्त हो जाएगी, लेकिन रिश्वत नहीं देने पर जिम्मेदारों ने उनका नाम सूची से काट दी। ऐसे में अब वह आवास के लिए दर-दर गुहार लगा रही हैं।


केस नंबर चार ओबरी गांव के टोला बनकटवा की रहने वाली सुमित्रा देवी ने एसडीएम को शिकायत पत्र के साथ नोटरी देकर बताया है कि उनका नाम पीएम आवास योजना की सूची में दर्ज है। आवास दिलाने के लिए प्रधान प्रतिनिधि ने रिश्वत की मांग की। किसी तरह ब्याज पर रकम लेकर एक व्यक्ति को 5 हजार रुपये दे दी, फिर भी आवास का लाभ नहीं मिला।




लाभार्थियों को 1.20 लाख मिलती है रकम
सरकार ग्रामीण इलाकों में बसने वाले बेघर और गरीब नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से उनके खुद का पक्का मकान दिलाती है। सरकार की ओर से 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है। पहली किस्त में 40 और दूसरी किस्त 70 तथा तीसरी किस्त में 10 हजार रुपये मिलते हैं। इसके अलावा मकान निर्माण के लिए मजदूरी का भुगतान मनरेगा योजना से किया जाता है।
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संपूर्ण समाधान दिवस में आवास योजना में कुछ लोगों से शिकायती मिली है। जिसकी जांच कर निस्तारण करने के लिए विभाग के जिम्मेदारों को निर्देशित किया गया है।
सत्य प्रकाश मिश्रा, उप जिलाधिकारी निचलौल
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