निचलौल ब्लाॅक की ग्राम पंचायत खेसरहा शितलापुर में जल निकासी के लिए बनाई गई नाला
10 लाख रुपये की लागत से निर्मित की गई थी नाला, ग्रामीणों ने पुनर्निर्माण की मांग की
महराजगंज। निचलौल विकास खंड की ग्राम पंचायत खेसरहा शितलापुर में क्षेत्र पंचायत निधि से करीब 10 लाख रुपये की लागत से निर्मित नाली मामूली बारिश के बाद दूसरी बार कई स्थानों पर ध्वस्त हो गई। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और नाली का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
क्षेत्र पंचायत निचलौल की निधि से लगभग 10 लाख रुपये की लागत से बनवाया गया करीब 300 मीटर लंबा नाला बृहस्पतिवार की रात हुई मामूली बारिश के बाद दूसरी बार कई स्थानों पर भरभराकर गिर पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार, सज्जन पाल के घर से पानी की टंकी होते हुए रामसमुझ के घर तक जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए इस नाले का निर्माण कराया गया था। निर्माण के कुछ ही दिनों बाद नाले के ध्वस्त हो जाने से कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नाले का निर्माण लगभग एक मीटर गहरा और ऊंचा कराया गया था, लेकिन निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई। उनका आरोप है कि नाले के निर्माण में दोयम दर्जे की ईंट, साधारण बालू तथा निर्धारित मात्रा से कम सीमेंट का प्रयोग किया गया था। लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत से लेकर क्षेत्र पंचायत तक भाजपा के जनप्रतिनिधि काबिज हैं और प्रदेश में भी उनकी सरकार है, इसके बावजूद विकास कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है।
पूर्वांचल किसान यूनियन के संस्थापक सदस्य एवं समाजसेवी घनश्याम शुक्ला ने भी मामले का भौतिक सत्यापन कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इस कार्य में हुई लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा गांव की जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण नाले का निर्माण कराया जाए।
इस मामले में खंड विकास अधिकारी संतोष कुमार यादव ने बताया कि शीतलापुर खेसरा में क्षेत्र पंचायत के निधि से नाली निर्माण कार्य किया जा रहा था लेकिन वही नाली दूसरी बार क्षतिग्रस्त हुई है तो मामला गंभीर है। निर्माण सामग्री की जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।