महराजगंज। जिले में शुक्रवार को पुलिस लाइन परिसर में प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा ने प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया के उपयोग से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का अनुचित प्रयोग पुलिस विभाग की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इसका प्रयोग बेहद सतर्कता से किया जाना चाहिए।
प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की हाल ही में निर्गत सोशल मीडिया पॉलिसी के प्रमुख बिंदुओं को साझा किया और सभी को इसके अनुपालन के लिए सचेत किया। एसपी ने बताया कि हाल के दिनों में यह देखा गया है कि कुछ पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान वर्दी में अशोभनीय वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं, जिससे विभाग की साख पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है और इसके उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने प्रशिक्षुओं से आह्वान किया कि वे सोशल मीडिया के प्रति संवेदनशील रहें और इसे एक जिम्मेदार नागरिक एवं अनुशासित पुलिसकर्मी की तरह प्रयोग करें।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया एक प्रभावी माध्यम है, लेकिन इसका गलत उपयोग न केवल व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि पूरे विभाग की साख को भी प्रभावित करता है।
-इन प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश
-कार्य सरकार के दौरान सोशल मीडिया का व्यक्तिगत उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।
-वर्दी में वीडियो, रील्स बनाकर पोस्ट करना या लाइव आना निषिद्ध है, चाहे ड्यूटी के समय हो या बाद में।
-किसी भी सरकारी कार्रवाई या थानों की गोपनीय सूचनाएं सोशल मीडिया पर साझा नहीं की जा सकतीं।
-अभिसूचना, अपराध अन्वेषण, विवेचना से संबंधित जानकारी या किसी भी न्यायालयीन मामले पर सोशल मीडिया पर कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी।
-अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक या भेदभावपूर्ण पोस्ट करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।