डायवर्जन के पास रेडियम नहीं लगने के कारण दूर से नजर नहीं आता, कोहरे में बढ़ जाएगी दुर्घटना की आशंका
डायवर्जन सूचना पर पर जमी धूल की मोटी परत, रात में नहीं दिखती है सूचना
महराजगंज। गोरखपुर से सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर सावधानी हटने पर राहगीर दुर्घटना के शिकार हो सकते हैं। निर्माणाधीन हाईवे पर जगह-जगह संकेतक लगे हैं, लेकिन रेडियम सभी जगह नहीं है। ऐसे में रात में सफर करने के दौरान थोड़ी सी चूक से गंभीर दुर्घटना की आशंका है। आने वाले दिनों में कोहरे का असर बढ़ेगा तो यह खतरा अधिक बढ़ जाएगा। रास्ता रोकने के लिए जिन जगहों पर डायवर्जन सी सूचना लिखी गई है उस पर धूल की मोटी परत धुंधली हो गई है। रात में इसे पढ़ना भी मुश्किल है।
गोरखपुर सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग का चौड़ीकरण हो रहा है। कार्यदायी संस्था की लापरवाही से संकेतकों की स्थिति कहीं-कहीं भ्रमित करने वाली है। रास्ते डायवर्जन की सूचना भी स्पष्ट नहीं है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दिसंबर का महीना शुरू हो गया है जल्द ही रात कोहरे के प्रभाव में बीतेंगे। ऐसे में राहगीरों को हाईवे पर काफी सावधानी बरतनी पड़ेगी। ध्यान बंटने पर वह कभी भी दुर्घटना की चपेट में आ जाएंगे।
मंगलवार को एकसड़वा फ्लाईओवर के उत्तर तरफ एक लेन पर दोनों तरफ से गाड़ियां गुजर रहीं थीं। दोनों तरफ के सर्विस लेन से गाड़ियां आ रहीं थीं। यहीं मिले श्रवण कुमार सिंह कहने लगे कि कोहरे में समस्या बढ़ जाएगी। इन दिनों रात के समय चालक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं। डायवर्जन स्पष्ट नहीं होने से समस्या हो गई है। गणेश यादव कहते हैं कि सुरक्षा मानक का ध्यान तो रखा गया है लेकिन कहीं-कहीं लापरवाही बरती जा रही है। रेडियम सभी जगह पर नहीं लगाया गया है। इस वजह से डायवर्जन दूर से नजर नहीं आता है। आगे बढ़ने पर संपतिहा में इसी तरह की समस्या नजर आई। संपतिहां में एक सर्विस लेन बंद होने के कारण गोरखपुर की ओर जाने वाले वाहन दाहिने लेन से ही आकर एकसड़वा पहुंचते हैं। बगैर रेडियम के डायवर्जन बोर्ड पर धूल जमा होने के कारण दूर से स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।
संपतिहा चौराहा फ्लाईओवर का दोनों लेन संचालित है। रामाशंकर त्रिपाठी बताते हैं कि सर्विस लेन पर उतरने के लिए कोई संकेतक नहीं लगाया गया है। इस वजह से गोरखपुर की तरफ से जाने वाला अनजान व्यक्ति फ्लाईओवर पर चढ़ जाता है। फिर डेढ़ किलोमीटर आगे पैसिया बाबू से नौतनवा की ओर से तीन किलोमीटर आगे जाकर एकसड़वा से लौटना पड़ता है।इसके अलावा फ्लाईओवर से उतरने के दौरान संपतिहा पुलिस चौकी के पास निर्माण कार्य हो रहा है। बाएं सर्विस लेन और ट्रांसमिशन से आने वाला रास्ता इसी बिंदु पर जुड़ा है। ऐसी दशा में फ्लाईओवर से तेज रफ्तार गुजरने वाले वाहन से इस बिंदु पर दुर्घटना की आशंका है। ठोस संकेतक नहीं हैं कि वाहन चालक सतर्क हो सकें। चंडीथान निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर आधी सड़क से भी गाड़ियों का आवागमन है। बाबूलाल यादव और कुंवर सिंह ने बताया कि उत्तर तरफ से बंद सड़क को बोर्ड से ढका गया है और संकेत भी लगे हैं लेकिन दक्षिण दिशा में ऐसी व्यवस्था नहीं है।
निर्माण में सुस्ती के कारण 17 में महज 7 अंडर पास बने
महराजगंज। गोरखपुर से सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंडर पास निर्माण की गति सुस्त है। लोगों को सफर में काफी वक्त लग रहा है। अभी तक 17 अंडर पास में महज सात बने हैं। जबकि अन्य पर कार्य बेहद धीमी रफ्तार से चल रहा है। जानकारी के अनुसार, गोरखपुर–सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंडरपास, सर्विस लेन, चौड़ा नाला, छोटे पुल तथा बाईपास के निर्माण का कार्य चल रहा है। लेकिन कार्यदायी संस्था की ओर से निर्माण की प्रगति उम्मीद के मुताबिक नहीं है। स्पीड ब्रेकर जैसी बाधाएं, खुदी हुई मिट्टी और अधूरी नालियां लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। संपतिहा, एकसड़वा, पुरन्दरपुर, सोहरवलिया खुर्द, फरेंदा बुजुर्ग और महदेवा बुजुर्ग अंडरपास का निर्माण पूरा हो चुका है। लेकिन इन स्थानों पर सर्विस लेन और नाले का कार्य अब भी अधूरा है।
कुसेरवा में अंडरपास का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा
कोल्हुई में 5.320 किमी लंबा बाईपास निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन उससे जुड़े अन्य कार्यों की गति संतोषजनक नहीं है। कुसेरवा में अंडरपास का लगभग 60 प्रतिशत काम पूरा हुआ है, जबकि बाकी कार्यों की रफ्तार बेहद धीमी बनी हुई है। कुंसेरवा उर्फ़ विशुनपुरा में भी अंडरपास निर्माण चल रहा है, लेकिन वहां भी प्रगति उम्मीद के मुताबिक नहीं है। नौतनवा में निर्माणाधीन अंडरपास पर भी काम सुस्त पड़ा है। परसौनी में अंडरपास निर्माण का सिर्फ 30 प्रतिशत कार्य पूरा हो सका है। राहगीर महेश कुमार बताते हैं कि यदि अंडरपास समय से बन जाते तो आवागमन काफी आसान हो जाता। वहीं, ललाइन पैसिया, मोहनापुर और मनिकौरा में अंडरपास निर्माण बेहद धीमी गति से चल रहा है। यहां पर प्रस्तावित नाले और सर्विस लेन की सड़क निर्माण भी अधूरा पड़ा है। कम्हरिया खुर्द और मथुरा नगर में भी अंडरपास निर्माण की रफ्तार बेहद सुस्त बनी हुई है।
वर्जन
गोरखपुर से सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। करीब 2,000 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में भूमि-अधिग्रहण के मुआवजे के साथ-साथ सड़क, नाला और सर्विस लेन निर्माण शामिल है। यह परियोजना 6 मार्च 2023 को प्रारंभ हुई थी और निर्धारित लक्ष्य के अनुसार मार्च 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। निर्माण एजेंसी की ओर से जहां-जहां नाला निर्माण और सर्विस लेन का काम शुरू किया गया है, वहां सुरक्षा और यातायात सुगमता के लिए संकेतक बोर्ड भी लगाए गए हैं।
-ललित प्रताप पाल, परियोजना निदेशक, एनएचएआई गोरखपुर