राष्ट्रीय लोक अदालत में 10690 वादों का निस्तारण
परिवार न्यायालय ने 18 परिवारों का पुनर्मिलन कराया
महराजगंज। स्थानीय दीवानी न्यायालय, फरेंदा, कलेक्ट्रेट एवं तहसील न्यायालय परिसरों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इस दौरान 10690 वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर वादों में 1,11,72,000 रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिलवाया गया और 3,53,560 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किया गया। 35,33,248 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाणपत्र जारी किया गया। प्रशासनिक न्यायमूर्ति उमेश कुमार ने राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय ने 18 परिवारों का पुनर्मिलन कराया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप जैन ने 2 वादों का निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय की ओर से 44 वादों का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी ने 30 वादों का निस्तारा किया। विशेष अधिकारी ने एक वाद का निस्तारण किया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय प्रथम ने 11 वादों का निस्तारण किया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वितीय की ओर से 22 वादों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 585 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज प्रवर खंड त्वरित न्यायालय की ओर से 93 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज अवर खंड/न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 69 वादों का निस्तारण किया। सिविल जज अवर खंड, फरेंदा ने 324 वादों का निस्तारण किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज ने 85 वादों का निस्तारण किया। अपर सिविल जज अवर खंड कोर्ट संख्या 2 द्वारा 3 वादों का निस्तारण किया गया। अपर सिविल जज, अवर खंड कोट संख्या 3 महराजगंज ने 5, सिविल जज, अवर खंड त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या 2 महराजगंज ने 2 वादों का निस्तारण किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय ने18 परिवारों का पुनर्मिलन कराया। इस दौरान पीठासीन अधिकारी, मोटर प्रतिकर न्यायाधिकरण संजय यादव, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय हरिनाथ पांडेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम महेश कुमार कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
----------
चकबंदी ममलों का हुआ समाधान
समस्त राजस्व एवं चकबंदी न्यायालयों में 8190 लंबित वादों का निस्तारण किया गया। बैंकों द्वारा 1186 ऋण की वसूली से संबंधित प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया।