अगले माह से चलने वाले लेप्रोसी केस डिटेक्शन प्रोग्राम में दो सदस्यीय टीम लगाई जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। कुष्ठ रोगी खोजी अभियान में आशा कार्यकर्ता घर-घर कुष्ठ रोगियों को ढूंढेंगी। खोजे गए कुष्ठ रोगियों को इलाज की सुविधा भी मिलेगी।
उक्त बातें अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राजेंद्र प्रसाद ने सदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सभागार में सोमवार को प्रशिक्षण दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण में मिली जानकारी से अपने ब्लाॅक की आशा कार्यकर्ताओं और टीम के अन्य सदस्यों से अवगत कराएं, ताकि सही तरीके से कुष्ठ रोगियों की पहचान हो सके।
डिप्टी सीएमओ डाॅ. वीर विक्रम सिंह ने कहा कि कुष्ठ रोगी खोजी तथा नियमित निगरानी से जुड़े सभी कर्मचारी अपने दायित्वों का ठीक से निर्वहन करें। अभियान के दौरान घर-घर जाकर सक्रिय कुष्ठ रोगियों को ढूंढें तथा समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध कराएं। डिप्टी सीएमओ डाॅ. नीरज लाल कन्नौजिया ने बताया कि यदि व्यक्ति के शरीर में कुष्ठ के लक्षण नजर आते हैं, तो तत्काल जांच कराकर इलाज शुरू कराया जाए। समय से इलाज शुरू कर देने से बीमारी पर नियंत्रण संभव है।
जिला कुष्ठ अधिकारी डाॅ. एनएन प्रसाद ने कहा कि कुष्ठ रोग वंशानुगत नहीं है। कुष्ठ रोग माइक्रो बैक्टीरिया लेप्रे नामक कीटाणु से फैलता है। यह एमडीटी दवा से पूरी तरह से ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा कि जिले में अगले माह से चलने वाले लेप्रोसी केस डिटेक्शन प्रोग्राम में दो सदस्यीय टीम लगाई जाएगी। पांच टीम पर एक पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे। इस दौरान डाॅ. आरके सिंह, डाॅ. अखिलेश यादव, डाॅ. अंगेस सिंह, कुष्ठ जिला परामर्शदाता डाॅ.एके बर्नवाल आदि मौजूद रहे।
कुष्ठ रोग के लक्षण:
- चमड़ी का दाग जिसमें सुन्नपन हो।
- दाग चकत्ता जिसमें पसीना न आता हो।
- हाथ पैर के नसों में मोटापन, सूजन तथा झनझनाहट हो।
-हाथ पैर की ऊंगली में टेढ़ापन हो।
-हाथ तथा तलवों में सुन्नपन हो।