ठूठीबारी। नेपाल के नवलपरासी स्थित कल-कारखानों और शराब की फैक्टरियों का गंदा बदबूदार पानी झरही नदी में छोडा जा रहा है। इससे भारतीय क्षेत्र में स्थित मधवलियां रेंज के पशु-पक्षियों के जीवन पर संकट का बादल मंडराने लगा है। वहीं क्षेत्र के लोगों को संक्रामक रोग फैलने का डर सताने लगा है।
नेपाल नवलपरासी से होकर बहने वाली झरही उर्फ प्यास नदी ठूठीबारी के राजाबारी, भरगाही, लक्ष्मीपुर, डगरुपुर, नवडिहवां, खैरहवां जंगल, दोमुहाने, मल्लाह टोली, लोहार टोला, बकुलडीहा, सुकरहर, सिहाभार आदि दर्जनों गांव से होते हुए बहती है।
नदी के आसपास गांव के पशु पालकों के पशु एवं जंगली जानवर अपनी प्यास बुझाते हैं, लेकिन कई साल से इस नदी में नवलपरासी जिले में स्थित शराब की फैक्ट्री के गंदे बदबूदार पानी को झरही नदी में फैक्ट्री की ओर से बहाया जा रहा है। इसके चलते बदबू से भारतीय क्षेत्र के लोग परेशान हैं।
धनंजय त्रिपाठी निवासी लक्ष्मीपुर ने बताया की झरही उर्फ प्यास नदी लक्ष्मीपुर गांव के पूरब होकर बहती है। झरही नदी में नेपाल के शराब की फैक्ट्री का गंदा पानी बहने से गांव में बीमारी फैलने का भय बना हुआ है। इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। झिनक गिरि निवासी डगरुपुर का कहना है कि क्षेत्र के पशुपालक पशुओं को नहलाने के लिए झरही नदी में ले जाते हैं, लेकिन परासी क्षेत्र में स्थित कल-कारखानों का गंदा बदबूदार पानी बहने से पशुओं और जलीय जीवों के जीवन पर संकट मंडराने लगा है। डगरुपुर राम जानकी मंदिर के पुजारी महंथ रामसनेही दास ने बताया की मंदिर के उत्तर सटे झरही नदी बहती है। नेपाल नवलपरासी से नदी में गंदा बदबूदार पानी बहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है।