महराजगंज। जिले में 14 करोड़ खर्च कर जर्जर तार बदले जाएंगे। 11 केवी लाइन बनेगी, उपकेंद्रों की क्षमता में वृद्धि की जाएगी। बिजली विभाग ने बिजनेस प्लान के तहत इन कार्यों को शामिल किया है। नौतनवा, आनंदनगर के साथ ही निचलौल बिजली स्टेशन को शामिल किया गया है। यह व्यवस्था होने से करीब तीन लाख की आबादी को सीधा लाभ होगा। लो वोल्टेज दूर होने के साथ ही निर्बाध बिजली मिलने की राह आसान होगी।
जानकारी के अनुसार, जिले के तीन डिवीजन में बिजली निगम की ओर 14 करोड़ खर्चकर जर्जर तार, 11 केवी एवं 33 केवी लाइन और एचटी लाइन बनेगी। इसके अलावा दो विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता में वृद्धि की जाएगी। स्वीकृति के लिए पत्रावली बनाकर शासन को भेज दी गई है। इन दिनों पुराने और कमजोर तार न केवल सप्लाई में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, बल्कि लो वोल्टेज की समस्या बढ़ा दी है। आनंदनगर के मनोहर कुमार ने बताया कि विस्तारित क्षेत्र कल्याणपुर में बांस-बल्ली के सहारे बिजली की आपूर्ति हो रही है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। पिछले महीने में खंभे का तार टूटकर गिर जाने के कारण मेरी नानी घायल हो गई थी।
दो विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता में होगी वृद्धि
विद्युत उप बृजमनगंज और निचलौल की क्षमता में वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में इन क्षेत्रों में बिजली की मांग तेजी से बढ़ रही है और विद्युत उपकेंद्रों पर अधिक दबाव है। इससे क्षेत्र में बिजली की कटौती की समस्या बनी रहती है। आएं दिन लो वोल्टेज की दिक्कत के कारण लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। दोनों सब स्टेशनों पर ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि होने से बिजली सप्लाई में सुधार होगा। इससे स्थानीय व्यवसायों और आवासीय क्षेत्रों को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।
अलग-अलग गांवों के टोले में लगेंगे ट्रांसफाॅर्मर
आनंदनगर में 23, निचलौल में 23 और नौतनवा क्षेत्र में 18 नए ट्रांसफाॅर्मर स्थापित किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को कटौती और लो वोल्टेज से राहत मिलेगी। निचलौल क्षेत्र में 517.45 लाख, आनंदनगर क्षेत्र में 519.80 लाख और नौतनवा क्षेत्र में 393.42 लाख रुपये खर्च होंगे। जिले के दो डिवीजन क्षेत्रों में 11 केवी की नई लाइन का निर्माण होगा। आनंदनगर में 4 और नौतनवा में एक नई लाइन बनेगी।
तीनों क्षेत्रों में 356 ट्रांसफाॅर्मरों की बढ़ेगी क्षमता
356 स्थानों पर ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे ग्रामीणों को बिजली कटौती, लो वोल्टेज और ओवरलोडिंग की समस्याओं से राहत मिलेगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना है। 33 केवी के पांच जर्जर तारों का नवीनीकरण किया जाएगा। इसके साथ ही 11 केवी के तीन पुराने तार भी बदले जाएंगे। 16 एलटी लाइनों के खराब तारों को भी बदला जाएगा।