बरगदवा अयोध्या से बनरसिया कला देवदह तक 4.10 किलोमीटर लंबी सड़क सात मीटर चौड़ी होगी
देवदह में पर्यटकों की सुविधा के लिए लगातार हो रहे हैं विकास कार्य
महराजगंज। देवदह को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए सात करोड़ की लागत से 4.10 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। आने वाले दिनों में अन्य पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। महात्मा बुद्ध के ननिहाल तीन बार उत्खनन कार्य हो चुके हैं। उत्खनन में शुंग, मौर्य, गुप्त, कुषाण कालीन पुरावशेष मिले हैं। इसके ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए प्रशासन पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, बरगदवा अयोध्या से बनरसिया कला देवदह तक 4.10 किलोमीटर लंबी सड़क का चौड़ीकरण दो माह बाद शुरू होगा। शासन स्तर से परियोजना को वित्तीय मंजूरी मिल गई है। लोक निर्माण विभाग ने टेंडर प्रक्रिया प्रारंभ करने की तैयारी शुरू कर दी। बनरसिया कला देवदह में गौतम बुद्ध पर्यटन स्थल विकसित किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं लेकिन संकरी सड़क एवं जगह-जगह गड्ढों की वजह से आगंतुकों को पहुंचने में काफी परेशानी होती है। वर्तमान में सड़क की चौड़ाई महज साढ़े तीन मीटर है। मौजूदा योजना के तहत सात मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा। बनरसिया कला के संतराम प्रसाद ने कहा कि यह सड़क वर्तमान में काफी सकरी है। त्योहार या किसी भी विशेष अवसर पर इतनी भीड़ बढ़ जाती है कि लोगों को निकलना मुश्किल हो जाता है। जयहिंद का कहना है कि सड़क कई हिस्सों में क्षतिग्रस्त है। हालांकि दो माह पूर्व लोक निर्माण विभाग ने प्राथमिक मरम्मत कराया था।
25 गांवों को सीधे मिलेगा लाभ
बरगदवा अयोध्या से बनरसिया कला देवदह मार्ग के चौड़ीकरण का फायदा बनरसिया कला देवदह के अलावा लगभग 25 गांवों को मिलेगा। इनमें जमुहनिया, हरमंदिर कला, मुड़ली, बनरसिया खुर्द, बसंतपुर, बड़हरा विशम्भरपुर, महेशपुर महदेइया, करैला अजीगरहा, सिसवा तौफिक, जंगल गुलरिहा समेत अन्य गांव शामिल हैं। इन गांवों के लोगों का कहना है कि सड़क सकरी होने के कारण हर दिन जाम जैसी स्थिति बन जाती है। चौड़ीकरण के बाद सफर में सहूलियत होगी।
वर्जन
सड़क चौड़ीकरण के लिए शासन स्तर से वित्तीय मंजूरी प्राप्त हो चुकी है। जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके बाद निर्धारित समय के भीतर सड़क चौड़ीकरण शुरू कर दिया जाएगा।
-एडीशन सिंह, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, महराजगंज
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देवदह में अब तक तीन बार उत्खनन कार्य हो चुके
बनरसिहा कला में स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल देवदह अब तक तीन बार (वर्ष 1990-91, वर्ष 2023-24 तथा वर्ष 2024-25) में उत्खनन कार्य हो चुके हैं। पुरातत्व विभाग के उत्खनन में बौद्ध इतिहास, संस्कृति और भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रमाण मिलने से क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को स्वीकार किया गया। उत्खनन में शुंग, मौर्य, गुप्त, कुषाण कालीन पुरावशेष मिले हैं। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी, गोरखपुर कृष्ण मोहन दुबे ने बताया कि देवदह के प्राचीन बौद्ध स्थलों के विकास और उनकी वैश्विक पहचान को मजबूत करने के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। शासन से अनुमति मिलते ही देवदह स्तूपों का पुनः उत्खनन कराया जाएगा।
बदल रहा देवदह का स्वरूप
पिछले तीन वर्षों में लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से देवदह को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए गए हैं। इनमें विपश्यना हॉल का निर्माण, एक स्तूप से दूसरे स्तूप तक जाने वाले इंटरलॉकिंग संपर्क मार्ग, सोलर लाइटों की स्थापना, सड़क किनारे रेलिंग और इंडिया मार्का हैंडपंप जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास शामिल है। वर्तमान समय में देवदह के सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। प्राचीन जलाशय का संरक्षण व सुंदरीकरण किया जा रहा है, साथ ही पूर्व उत्खनन स्थलों को सुरक्षित कर पर्यटकों के लिए देखने योग्य बनाया जा रहा है। शौचालय निर्माण हो रहा है।
20 एकड़ जमीन खरीदने का प्रस्ताव तैयार
देवदह को व्यापक स्तर पर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 20 एकड़ जमीन किसानों से खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्तावित भूमि पर पर्यटकों की सुविधाओं जैसे विश्रामगृह, पार्किंग स्थल, सूचना केंद्र, ध्यान स्थल और अन्य आवश्यक संसाधनों का विकास किया जाएगा। विपश्यना हॉल में भगवान गौतम बुद्ध की मूर्ति स्थापित करने की भी योजना है। देवदह बौद्ध विकास समिति के अध्यक्ष जितेन्द्र राव ने बताया कि सरकार देवदह को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने की योजना तैयार कर रही है। चौक बाजार के जंगल में स्थित 2500 वर्ष पुराने बौद्ध स्तूप रामग्राम को सीधे देवदह से जोड़ दिया जाए, तो यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सर्किट का हिस्सा बन सकता है।
वर्जन
देवदह के विकास को लेकर प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होने के साथ ही बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी। - संतोष कुमार शर्मा, जिलाधिकारी