महराजगंज। वित्तीय सत्र के आखिरी माह में जनपद की रैंकिंग तो एनआरएलएम व लोनिवि के प्रदर्शन के कारण छठा नंबर पाया, लेकिन ग्राम्य विकास की मनरेगा शतप्रतिशत अंक लाकर भी अंडर फाइव में नहीं बना रह सका और छठें पर चला गया। हालांकि मनरेगा पर जिम्मेदारों का कहना है कि यह परियोजना काफी बेहतर प्रदर्शन जनपद में कर रही है।
दशमलव अंक के घटने बढ़ने पर इसका आकलन किया जा रहा है। वर्ष 2024 से लेकर मनरेगा प्रदेश में अंडर फाइव में बना हुआ था। मांग के अनुरूप रोजगार उपलब्धता, सर्वाधिक मानव दिवस सृजन व एक्टिव जाॅब कार्डधारकों के मामले में जनपद 100 में 100 अंक प्राप्त किया है।
अकुशल मजदूरों को योजना से 10867.02 लाख रुपये मजदूरी के रूप में दिए गए। इन सभी उपलब्धियों के बाद भी जनपद अंडर फाइव से सत्र के आखिरी माह में बाहर हो गया। हालांकि उपायुक्त मनरेगा का कहना है कि जनपद का प्रदर्शन लगभग हर मोर्चे पर बेहतर है। नए वित्तीय सत्र के लिए हम दोगुने उत्साह से काम में जुटे हैं।
सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग कभी-कभी शत प्रतिशत होने के बाद भी दशमलव के बाद के अंकों पर जारी होते हैं। यह स्थिति कड़ी स्पर्धा में अपनाई जाती है। मनरेगा का प्रदर्शन जनपद में बेहतर है। इसे और बेहतर करने के निर्देश बीडीओ को समय-समय पर दिए जाते हैं।
अनुराज जैन, सीडीओ