महराजगंज। बारिश में जर्जर स्कूल भवन दुर्घटना का कारण न बने इसके मद्देनजर विभाग ने इनके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी है। जनपद में कुल 128 स्कूल भवनों को ध्वस्त करने के लिए चिह्नित किया गया। इसमें 90 स्कूल भवन जो निष्प्रयोज्य थे उन्हें मंगलवार को ध्वस्त करा दिया गया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी स्वयं ध्वस्तीकरण प्रक्रिया की मानिटरिंग में जुटी रहीं। 30 जुलाई को अमर उजाला ने ध्वस्तीकरण में पेंच शीर्षक से खबर का प्रकाशन किया, जिसमें बताया गया कि भवन निष्प्रयोज्य होकर भी ध्वस्त नहीं हुए। संज्ञान लेते हुए विभाग ने जर्जर भवनों को गिराना शुरू करा दिया है। मानसूनी बारिश का क्रम जनपद में तेज हुआ है। ऐसे में उन स्कूल भवनों के गिरने का खतरा है जिनका उपयोग तो वर्षों से नहीं किया जा रहा, लेकिन ध्वस्तीकरण की लंबी प्रक्रिया के कारण भवन गिराए नहीं जा सके।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ऐसे सभी जर्जर स्कूल भवनों को ध्वस्त कराने की प्रक्रिया शुरू करा दी जो निष्प्रयोज्य होने के बाद भी गिराए नहीं जा सके थे। विभाग ने इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपकर भवन गिरवाने का निर्देश प्रभावी किया। मंगलवार को कुल 90 स्कूल भवन ध्वस्त कराए गए।