अपनी छह मांगों को लेकर चौकीदार अधिकार मोर्चा के सदस्यों ने शनिवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर धरना दिया। बाद में मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम को दिया।
चौकीदार मोर्चा के बाले खान ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने से ग्रामीण चौकीदारों पर किसी भी सरकार का ध्यान नहीं गया। चौकीदार भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। मांगों को सरकार से मनवाने के लिए धरना देना हमारी मजबूरी हो गई है। कहा कि 66 वर्षों से चौकीदार निष्ठा पूर्वक कार्य करते चले आ रहे है।
उन्हें वेतन के नाम पर 15 सौ रुपये ही मिलते हैं। कहा कि सरकार से हर हाल में अपनी मांगों को मनवाकर रहेंगे। कोषाध्यक्ष रामनाथ ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने से लेकर आजतक उत्तर प्रदेश ग्रामीण चौकीदार गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं। किसी भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया।
जिला संयोजक नाथू प्रसाद गुप्त ने कहा कि चौकीदार संगठित रहकर संघर्ष करें। संगठन के उद्देश्य को समझे संगठन को थाने स्तर से लेकर जिला स्तर तक बहुत ही मजबूत बनाने की जरूरत है।
अगले माह फरवरी में एक विशाल धरना प्रदर्शन लखनऊ में होगा। जिसमें प्रदेश के सभी ग्रामीण चौकीदार भाग लेंगे। शिव कुमार कन्नौजिया, शिवराज, जमाल, वीरेन्द्र, दिलीप, रामप्रीत, महातम, प्रताप आदि शामिल रहे।