उत्तर प्रदेश ग्रामीण चौकीदार अधिकार मोर्चा ने छह सूत्रीय मांगों को लेकर डीएम कार्यालय पर धरना दिया। जिला अध्यक्ष बाले खान ने कहा कि चौकीदार संगठित रहें, संघर्ष करें और संगठन के उद्देश्यों को समझें। मांगे मनवाने के लिए संघर्ष को तैयार रहें।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि संगठन को थाने से लेकर जिलास्तर तक मजबूत बनाने की जरूरत है। मार्च में धरना प्रर्दशन लखनऊ में होगा। जिसमें प्रदेश के सभी चौकीदार भाग लेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीकांत शुक्ल ने कहा कि सरकार का ध्यान चौकीदारों की तरफ न होने के कारण दुर्दिन झेलने पड़ रहे हैं।
यही कारण है कि धरना देना हमारी मजबूरी है। चौकीदारों को वेतन देने के लिए सपा सरकार के पास मात्र 1500 रुपये हैं। जिससे चौक ीदारों के सामने रोजी रोटी का संकट है। कहा कि चौकीदारों की यह उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य कर्मचारी का दर्जा लेने के लिए हम सरकार को मजबूर कर देंगे।
जयनरायन यादव ने कहा कि अंग्रेजों के जमाने से लेकर आजादी के 66 वर्ष गुजर गए लेकिन प्रदेश के ग्रामीण चौकीदार आज भी गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं। ग्रामीण चौकीदारों की स्थिति पर किसी भी सरकार ने ध्यान नहीं दिया। इस दौरान संघ के राष्ट्रीय संयुक्त सचिव शिवकुमार व जिला सचिव रामनाथ ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
शिवराज, जमाल, विरेंद्र, दिलीप कुमार, रामप्रीत, महात्म, झकरी, केदारनाथ, जयकरन, सज्जन, फें कू, अनुरूद्ध, सुदामा, नरायन, निर्मला, रामदरस, पुरूषोत्तम, रामनाथ शामिल रहे।