महराजगंज। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की ओर से बृहस्पतिवार को केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी के प्रतिनिधि जगदीश मिश्र को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गई।
संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय मिश्र ने बताया कि जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों ने उस समय की भर्ती प्रक्रिया की सभी योग्यताओं को पूरा करके नौकरी प्राप्त की थी। उच्चतम न्यायालय ने 1 सितंबर 2025 के निर्णय में सभी शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने का आदेश दिया है। टीईटी अनिवार्यता के कारण शिक्षकों में आक्रोश है। जिलाध्यक्ष बलराम निगम ने कहा कि सरकार राइट टू एजुकेशन (आरटीई) एक्ट में संशोधन कर जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करे। साथ ही, सरकार से उच्चतम न्यायालय में मजबूत तरीके से पक्ष रखने की मांग की।