सांस फूलने के कारण लोगों हो रही असुविधा
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में 627 का मरीजों का हुआ उपचार
महराजगंज। जनपद में सिर्फ सर्द शीत लहर ही नहीं कहर बरपा रही बल्कि हवा के शुष्क होने के कारण सांस रोगियों की मुश्किलें भी बढ़ी हैं। बाहर निकलने वालों की कौन कहे घर के भीतर रहकर भी लोग सांस की बीमारी से नहीं बच पा रहे हैं। बृहस्पतिवार को ओपीडी में 37 सांस के रोगी पहुंचे। इनकी जांच रिपोर्ट देख व समस्या पूछकर चिकित्सकों ने दवा व बचाव का परामर्श दिया।
बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में 627 रोगियों का उपचार हुआ। रोगियों की सर्वाधिक संख्या बुखार, सर्दी-खांसी के बाद सांस की रही। सांस के रोगियों की जांच रिपोर्ट देखकर डॉ. पवन कुमार ने दवा का परामर्श और बचाव की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि शुष्क हवा में नमी कम होने से सांस फूलता है। यह डिस्पनिया रोग होता है। यह वायुमार्ग को शुष्क और संकुचित करता है। जिससे सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है। शुष्क हवा ऊपरी वायु मार्ग को डिहाइड्रेट कर देती है, इससे समस्या बढ़ती है। प्रभावितों को भाप लेने के साथ नाक से सांस खींचने व घर में नमी बनी रहे इसके लिए सतर्क किया जा रहा है। साथ ही बिना जांच व चिकित्सक परामर्श के उपचार न शुरू करने की चेतावनी भी दी जा रही है।
ऐसे करें बचाव
- घर के प्रत्येक कमरे में नमी बनी रहे इसका ख्याल रखें। जरूरी हो तो ह्यूमिडिफायर प्रयोग करें।
- अस्थमा व एलर्जी के रोगी शुष्क मौसम में विशेष सावधानी बरतें।
- शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए प्रयास करें और भरपूर मात्रा में पानी का सेवन करें।
- सांस की समस्या में इन्हेलर की जगह भाप लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है। इन्हेलर बहुत जरूरी हो तभी प्रयोग करें।
- सांस में जकड़न इत्यादि महसूस होने पर बिना जांच या परामर्श के उपचार न करें।