डीडीओ के धमकी के मामले में मंगलवार को पूर्व सांसद ने कहा कि डीएम के कूटरचित ढ़ंग से किए गए षड्यंत्र का शिकार डीडीओ हुए हैं। यदि धमकी का आरोप सिद्ध हो जाए तो प्रशासन उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दे।
मंगलवार को नगर के एक मैरिज हाउस में पत्रकार वार्ता में पूर्व सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि डीडीओ वर्तमान में निचलौल बीडीओ का कार्य देख रहे हैं। इसके अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी का भी काम देख रहे हैं। बीडीओ के चार्ज पर रहते हुए दूसरे बीडीओ की जांच करना तर्क संगत नहीं है।
पिछले दिनों उन्होंने प्रभारी मंत्री विनोद सिंह पंडित से समीक्षा बैठक में जिले में विकास कार्यों में हो रहे भ्रष्टाचार के बारे में अवगत कराकर जांच कराने की बात कही थी। जिसमें सांसद निधि से नौतनवा में बने पुल के निर्माण की जांच के बाद भी धन की वसूली न होने के संबंध में मुददा उठाया था। इसके अलावा जिला पंचायत द्वारा जितनी भी पुलिया, पुलों का निर्माण कराया गया है।
काम होने के बाद निविदा निकालने आदि के संबंध में जांच की बात कहे थे। जिससे डीएम तिलमिला गए। बॉर्डर डेवलेपमेंट योजना के तहत लगभग पांच करोड़ का घोटाला किया गया है। इसकी जांच हो तो अधिकारियों के अलावा कई लोग जेल जाएंगे। पूर्व सांसद ने घुघली ब्लॉक की जांच वरिष्ठ अधिकारी से कराने की बात कही।
पूर्व सांसद ने कहा कि डीडीओ की धमकी की बात गलत है। इसकी जांच कराई जाए। आरोप सिद्ध हो तो मुकदमा दर्ज कराया जाए। प्रेस वार्ता के दौरान सदर ब्लाक प्रमुख दिग्विजय सिंह उर्फ डिग्गू सिंह, ओमप्रकाश जायसवाल, शराफत अली, सपा जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी जितेंद्र यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश यादव उपस्थित थे।