निचलौल। यूं तो आए दिन पुलिस कर्मियों के दुर्व्यवहार को लेकर मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन पुलिस छवि बदलने की कोशिश में लगी है। इसी क्रम में शुरू की गई एंटी रोमियो स्क्वाड के तहत बेटियों की मदद करने का सिलसिला तेजी से चल रहा है। मनचलों पर शिकंजा कसने के बाद बेटियां निर्भीक और जागरूक हो रही हैं।
मनचलों से पीड़ित और परेशान बेटियां चौराहे और स्कूलों में लगी पिंक बॉक्स में शिकायत पत्र डाल या हेल्पलाइन नंबरों पर कॉलकर गुहार लगाती हैं। इसके बाद एंटी रोमियो स्क्वाड टीम मौके पर भेजी जाती है। इतना ही नहीं संबंधित क्षेत्र की पुलिस भी मौके पर पहुंचती है। बेटियों की समस्या सुनकर उनका निस्तारण कराती है। इतना ही नहीं पुलिस की ओर से इसका लगातार फॉलोअप भी किया जाता है।
टीम की ओर से मिली जानकारी के अनुसार पिंक बॉक्स और हेल्पलाइन नंबरों के जरिए पिछले छह महीनों में 108 बेटियों ने मदद मांगी है। इन बेटियों के पास एंटी रोमियो स्क्वाड टीम ने पहुंचकर उनकी समस्याओं का समाधान किया। इतना ही नहीं अपनी करतूतों से बाज नहीं आने वाले आठ मनचलों के खिलाफ टीम खुद वादी बन कार्रवाई भी करा चुकी है। जबकि 100 मनचलों को आचरण में सुधार लाने की नसीहत देकर छोड़ दी है। आमतौर पर स्कूल आने-जाने के दौरान चौराहों पर छींटाकसी, गंदे इशारे, अश्लील कमेंट, बेवजह रास्ता रोकने से आहत होकर बेटियां शिकायत कर गुहार लगाती हैं। पुलिस टीम बेटियों को बगैर सामने लाए ही पहले मनचलों को समझाती है, फिर न मानने पर कार्रवाई भी करती है।
मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की जाती
क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार सिंह ने बताया कि बेटियों के प्रति सरकार काफी संवेदनशील है। एंटी रोमियो स्क्वाड इसका प्रमाण है। इसके तहत बेटियों से मिलने वाली शिकायतों पर मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। अधिकांश बेटियों से दोबारा शिकायत नहीं मिलती है। क्योंकि कार्रवाई के बाद पुलिस की ओर से फॉलोअप भी किया जाता है।