ठूठीबारी। नेपाल से आने वाली चंदन नदी पर लक्ष्मीपुर खुर्द-भरवलियां तटबंध का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इससे बरसात के सीजन में दर्जनों गांवों में धान की फसल बरबाद होने से बच जाएगी।
निचलौल ब्लाॅक के अंतर्गत चंदन नदी के पूर्वी छोर पर तटबंध नहीं था, जिससे पहाड़ों पर भारी बारिश होने से हर साल चंदन नदी उफना जाती थी और उसका पानी लक्ष्मीपुर खुर्द और भरवलियां गांव के सिवान में सैकड़ों एकड़ फसल बरबाद करते हुए दर्जनों गांवों में घुस जाता था।
लक्ष्मीपुर खुर्द-भरवलिया बांध नो मेंस लैंड से होते हुए दक्षिणी छोर निचलौल-ठूठीबारी मुख्य मार्ग से मिला है। वहीं तीन किलोमीटर लंबे इस बांध पर खेत से बरसात का पानी निकालने के लिए तीन रेगुलेटर भी लगाए गए हैं।
बैजनाथ यादव, भीम साहनी, अनिल यादव, त्रिपुरारी, देवेन्द्र यादव, ईश मोहम्मद, ताजुद्दीन, सनवर अली, हफीजुल्लाह, सुनील गुप्ता, इंद्रमल मौर्य, मोहम्मद रफीक ने बताया कि चंदन नदी के पूर्वी छोर पर तटबंध बन जाने से फसल की बरबादी रुकने के साथ ही गांवों में बाढ़ से बचाव होगा। इसके अलावा बांध के रास्ते खेतों तक किसानों को आने-जाने में आसानी होगी।
सिंचाई खंड दो के जूनियर इंजीनियर संतराम ने बताया कि लक्ष्मीपुर खुर्द भरवलिया तटबंध का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जिससे आबादी एवं कृषि योग्य भूमि को बाढ़ से बचाया जा सकेगा।
बाढ़ से मैरुंड नहीं होंगे गांव : नवनिर्मित लक्ष्मीपुर खुर्द भरवलियां बांध से भरवलियां, लक्ष्मीपुर खुर्द, बसंतपुर, चटियां, मोहम्मदपुर, माधवनगर तुरकहिया, नौनियां, कडजा, गडौरा आदि गांवों में बाढ़ का पानी नहीं घुस पाएगा।
बाढ़ से बचाव के लिए 12 करोड़ हुए खर्च : ठूठीबारी। नेपाल से होकर भारतीय सीमा क्षेत्र में बहने वाली छोटी गंडक नदी व चंदन नदी की बाढ़ की विभीषिका से गांवों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग ने 12 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किया है।
छोटी गंडक नदी महराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर खुर्द गांव के पास भारतीय सीमा में प्रवेश करते हुए कुशीनगर, देवरिया होते हुए बिहार में घाघरा नदी में मिलती है। पहले छोटी गंडक नदी पूरी तरह रेत झाड़ झंखाड से पट चुकी थी, जिससे बरसात में इसके बाएं किनारे पर स्थित लक्ष्मीपुर खुर्द, खेसरहा, शीतलापुर, रेंगहियां, डुमरी, गुलरभार, मटरा, धमउर तथा दाएं किनारे पर स्थित लालपुर, इटहियां,अमडी, आदि गांवों की कृषि योग्य जमीन जलमग्न हो जाती थी।
जलभराव की समस्या के समाधान के लिए सिंचाई विभाग ने 12 करोड़ से अधिक रुपये खर्च करके तीन किलोमीटर लक्ष्मीपुर खुर्द-भरवलियां बांध बनाने के साथ ही 10 किमी तक छोटी गंडक नदी की सफाई करवाई है।