महराजगंज। नियम कानून के पेच में उलझे ग्राहकों को कर्ज से उबारने की दरकार है। सस्ते में बाइक लेना करीब 200 ग्राहकों के लिए गले की फांस बन गया है।
किसी को रसीद ही नहीं दी गई। एजेंसी की ओर से ग्राहकों को गुमराह कर लोन कर दिया गया। करीब दो करोड़ का पूरा मामला बताया जा रहा है।
एजेंसी की ओर से मामले को सुलझाने के लिए व्यवस्था बनाई जा रही है। बाइक लेने वाले लोग परेशान हैं कि कर्ज की रकम चुकता कैसे होगी? फरेंदा कस्बे में बाइक शो रूम से चार माह पहले बाइक खरीदने वाले लोग दर-दर की ठोकर खाने को विवश हंै।
बीते दिनों फरेंदा में बाइक शोरूम पर हंगामा हुआ तो मामले की पोल खुली थी। इसे लेकर दबाव बढ़ा तो एजेंसी संचालकों ने बचाव का रास्ता खोज लिया। अब लोग अपनी रसीद खोज रहे हैं ताे उनके पास नहीं मिल रही है।
कानून के जानकारों की माने तो दिए गए रकम की रसीद नहीं होगी तो कर्ज हर हाल में भरना पड़ेगा। शुरुआत में की गई होशियारी का फायदा एजेंसी संचालक को मिल सकता है। पीड़ित भी मामले को लेकर आरपार की लड़ाई लड़ने का मन बना लिए हैं।
सूत्रों की माने तो मोटी रकम का मामला है। इस वजह से मैनेज का खेल भी मजबूती से हो रहा है। मामले को दबाने के लिए हर युक्ति अपनाई जा रही है। कैंपियरगंज के चेतरिया निवासी अमित कुमार ने बताया कि मार्च महीने में 90,000 रुपये जमा करके बाइक ली थी। कुछ दिन बाद पता चला कि गाड़ी पर फाइनेंस है। एजेंसी के लोग कुछ भी बताने से इंकार कर रहे हैं।
मनदीप कुमार निवासी खजूरिया, सुनील गुप्ता निवासी धानी, रामकुमार निवासी खजूरिया, अभिमन्यु निवासी मेहदाव, दुर्गेश भारती निवासी मोतीगंज ने बताया कि मामले में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। रकम देने के बाद भी कर्जदार बनाना कहां का न्याय है।
इस पूरे खेल में शामिल लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। मामले में एजेंसी की ओर से समय मांगा गया है।