20 जनवरी से ''मेरा गांव मेरी धरोहर'' थीम पर ग्राम सभाओं में सर्वेक्षण शुरू
पंचायती राज व सांस्कृतिक मंत्रालय की ओर से किया जाएगा सर्वे
महराजगंज। जनपद के 882 ग्राम पंचायतों में सांस्कृतिक महत्व के धरोहरों की पहचान व दस्तावेजीकरण किया जाएगा। 20 जनवरी से जनपद के सभी ग्राम पंचायतों में इसके लिए ''मेरा गांव मेरी धरोहर'' थीम पर सर्वे होगा। पंचायती राज विभाग इसके लिए 150 कर्मियों को सूचीबद्ध कर चुका है। पंचायती राज व सांस्कृतिक मंत्रालय के इस साझा सर्वे से गांव की महत्वपूर्ण धरोहरों को न सिर्फ राष्ट्रीय पहचान मिलेगी बल्कि इन विरासतों को सहेजने के इंतजाम भी होंगे।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों की सांस्कृतिक विरासत व धरोहरों की सर्वे के जरिये पहचान की जाएगी। 20 जनवरी से विभागीय कर्मी गांव-गांव सर्वे कर सत्यापन व दस्तावेजीकरण के लिए कार्य करेंगे। विशेष धरोहर वाले ग्राम पंचायतों की इस सर्वे से राष्ट्रीय पहचान देने की तैयारी है। देश की ग्राम पंचायतों में धरोहर व विरासतों का अब दस्तावेज तैयार किया जाएगा। पंचायती राज व सांस्कृतिक मंत्रालय की विशेष थीम आधारित सर्वेक्षण की रूपरेखा इसे ध्यान में रखकर प्रभावी की गई है। सर्वे के लिए संबंधित कर्मियों को इसी सप्ताह से प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पोर्टल पर फीड होगा ब्योरा
सर्वेक्षण पूर्ण करने के बाद विरासतों का विवरण व चित्र (उपलब्धता आधार पर) पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। शासन ने एमजीएमडी पोर्टल इसके लिए विकसित कराया है। जनपद में ऐसी ग्राम पंचायतें हैं जहां की धरोहर ख्यातिलब्ध है। बृजमनगंज के खड़खोड़ा में पांडवकालीन टीला और आदमकद लगभग आधा दर्जन शिवलिंग, रामग्राम स्तूप, सोहगीबरवां का लकड़ी पर टिका डाकबंगला, लक्ष्मीपुर ब्लॉक क्षेत्र में ट्राम ट्रेन। आद्रवन व इंटहिया मंदिर ख्यातिलब्ध हैं।
वर्जन
शासन से मिले निर्देश के क्रम में प्रत्येक ग्राम पंचायत में 20 जनवरी से धरोहरों को चिह्नित कर दस्तावेज तैयार करने का सर्वे होगा। सर्वे का समस्त विवरण राष्ट्रीय पोर्टल एमजीएमडी पर फीड होगा। सर्वे के लिए सूचीबद्ध 150 कर्मियों को सांस्कृतिक मंत्रालय से आए ट्रेनर सर्वेक्षण से पहले प्रशिक्षण देंगे।
-श्रेया मिश्रा, डीपीआरओ महराजगंज। संवाद