खनुआ। शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र के दुर्गा मंदिरों में माता के द्वितीय स्वरूप ब्रह्मचारिणी की आराधना की गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
सोनौली कोतवाली क्षेत्र के हरदीडाली चौराहा, कैथवलिया उर्फ बरगदही, खनुआ सहित सीमावर्ती गांवों के पंडालों में माता ब्रह्मचारिणी का विशेष शृंगार किया गया। हरदीडाली चौराहे पर दुर्गा पांडाल के पुजारी पंडित सूरज मिश्रा ने बताया कि नवरात्र के दूसरे दिन माता के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा होती है। यह रूप त्याग, तपस्या और संयम का प्रतीक है। माता के एक हाथ में जप की माला और दूसरे हाथ में कमंडल है। श्वेत वस्त्र धारण किए हुए माता का यह रूप साधकों को सिद्धि और संयम प्रदान करता है।
एसएसबी की सुरक्षा के बीच नेपाल से भी श्रद्धालु दर्शन करने के लिए भारतीय सीमा के मंदिरों में पहुंच रहे हैं। मंदिर समितियों की ओर से भजन-कीर्तन और देवी जागरण का आयोजन भी किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने मंदिरों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।