डिजिटल एक्सरे कक्ष में बिना कवर के एक्सरे लेकर जाते मरीज।
महराजगंज। जिला अस्पताल में डिजिटल एक्सरे मशीन की कमी और अपर्याप्त व्यवस्था के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में रोजाना औसतन 150 एक्सरे और 50 अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं, लेकिन सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक सीमित समय में इतने मरीजों की जांच करना तकनीशियनों के लिए चुनौती बन गया है। परिणामस्वरूप मरीजों को घंटों तक लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।
खजुरिया निवासी दुर्गेश सिंह ने बताया कि वे सुबह 10 बजे भांजे अवनीत को लेकर अस्पताल पहुंचे थे। बच्चे के नाक से खून बह रहा था। दोपहर 12 बजने को हैं लेकिन अभी तक एक्सरे नहीं हो सका। इसी तरह गढ़वा निवासी संतोष सुबह 11 बजे पहुंचे लेकिन उनका नंबर अभी तक नहीं आया। बैजनाथपुर कला के रहने वाले सत्यम विश्वकर्मा पेट की समस्या लेकर सुबह 9 बजे से बाहर खड़े रहे, पर एक्सरे नहीं हो पाया। कश्मरिया निवासी शिवेंद्र सुबह 10 बजे पैर की चोट का एक्सरे कराने आए थे। दोपहर 12 बजे तक उनकी बारी नहीं आई।
मरीजों की शिकायत है कि लंबे इंतजार के दौरान न बैठने की उचित व्यवस्था है और न ही पीने के पानी की। सबसे बड़ी परेशानी यह है कि एक्सरे रिपोर्ट बिना कवर के दी जा रही है। इससे रिपोर्ट खराब होने का खतरा रहता है। अस्पताल में पांच एक्सरे तकनीशियन तैनात हैं। मरीजों की भारी भीड़ को देखते हुए यह संख्या अपर्याप्त बताई जा रही है। कई मरीजों का कहना है कि सुबह जल्दी पहुंचने के बावजूद दोपहर तक इंतजार करना पड़ रहा है। इससे गंभीर बीमारियों वाले मरीजों को अतिरिक्त तकलीफ हो रही है।
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