महराजगंज। थाना बृजमनगंज क्षेत्र केे लेहड़ा मंदिर के पास प्रेमी के साथ मिलकर कुल्हाड़ी से पति श्रीराम की हत्या के मामले में पत्नी सिरजावती को दोषी करार देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ललित नरायन झा ने आजीवन सश्रम कारावास एवं तीन वर्ष सश्रम कारावास से दंडित किया है। प्रेमी संदीप मौर्या का मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।
अभियोजन से मिली जानकारी के अनुसार, वादी मुकदमा फेंकू निवासी महुअवा शुक्ल थाना पनियरा जनपद महराजगंज ने 25 फरवरी 2012 को थाना बृजमनगंज में सूचना दी कि उनके पुत्र श्रीराम का विवाह सिरजावती के साथ हुआ है। विवाह के बाद ही सिरजावती अपने प्रेमी संदीप मौर्य के साथ दिल्ली चली
गई थी।
इसके बारे में पता चलने पर बीस दिन बाद श्रीराम दिल्ली जाकर अपनी पत्नी सिरजावती को लेकर आया। किंतु सिरजावती की जिद के कारण श्रीराम ने सिरजावती को उसके मायके हथौसा पहुंचा दिया। 14 फरवरी 2012 को सिरजावती फोन करके अपने पति श्रीराम को बुलाई तथा 20 फरवरी 2012 को पति को पूजा के बहाने लेहड़ा मंदिर ले गई। पूर्व नियोजित साजिश के तहत उसने प्रेमी संदीप मौर्य के साथ मिलकर कुल्हाड़ी से श्रीराम की हत्या कर दी। श्रीराम की लाश 24 फरवरी 2012 को पास के नाले से बरामद हुई।
इस सूचना पर मुकदमा पंजीकृत हुआ। विवेचना के दौरान सिरजावती के पास मिले मोबाइल के काल डिटेल से घटना की पुष्टि के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार यादव ने 14 गवाहों को पेश कर सजा की मांग की। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपने 28 पन्नों के फैसले में यह सजा सुनाई है।