लक्ष्मीपुर। गोरखपुर-नौतनवां रूट पर मझौली में रेलवे ढाला 26 सी को बंद करने शुक्रवार की रात पहुंची टीम को गांव वालों के गुस्से को देखते हुए बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि बड़ी संख्या में पहुंचे जीआरपी जवानों से रातभर कहासुनी होती रही। कई बार गांव वालों और जवानों में तीखी नोकझोंक भी हुई। अंतत: टीम को जेसीबी आदि लेकर वापस जाना पड़ा।
लक्ष्मीपुर ब्लाक के ग्राम मझौली के दो मजरों के बीच रेल लाइन हुई है। दोनों मजरों के लोगों के आने-जाने के लिए ढाला नंबर 26 सी और 27 सी था। गांव वालों के विरोध के बाद भी ढाला संख्या 27 सी को पहले ही बंद किया जा चुका है। ऐसे में दोनों मजरे के लोगों के लिए एक मात्र 26सी ही बचा है।
गोरखपुर-नौतनवां रेल लाइन विस्तार के बाद जगह-जगह रेल ढाला बंद करने के क्रम में शुक्रवार की रात जीआरपी जवान जेसीबी के साथ करीब 12 बजे 26 सी ढाला पर आ पहुंचे। पहले से इसकी भनक लगने से गांव वाले भी मौके पर आ धमके। गांव वालों को हुजूम देख कर रेल प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे। जैसे ही जेसीबी से काम शुरू हुआ, वहां मौजूद महिलाएं और पुरुष लेट गए और नारेबाजी करने लगे। रेल अधिकारियों और जीआरपी से नोकझोंक का दौर शुरू हो गया।
ग्राम प्रधान ताहिर अली ने कहा कि 27 सी पहले ही बंद हो जाने से उनके गांव के एक टोला कैथवलिया पाठक का आवागमन अवरुद्ध है। इस ढाले के बंद होने से दूसरा टोला भी पूर्ण रूप से प्रभावित हो जाएगा। इसके साथ ही दर्जनों गांवों का हाईवे पर जाने का रास्ता भी बंद हो जाएगा। ग्राम प्रधान ताहिर अली ने कहा कि जब तक कोई विकल्प नहीं मिलेगा, इसे बंद नहीं होने दिया जाएगा।