कस्टम विभाग के सचल दल ने मंगलवार को भारत नेपाल के विभिन्न सीमाओं पर तस्करी का 350 लीटर डीजल और सौ लीटर पेट्रोल बरामद किया।
सचल दल के इंस्पेक्टर अरविंद कुमार के मुताबिक रजिया घाट पर 150 लीटर, श्यामकाट बॉर्डर पर 100 लीटर डीजल तथा फरेन्दी बाजार बॉर्डर पर सौ लीटर पेट्रोल बरामद किया। उन्होंने बताया कुछ लोग बरामद माल को लेकर भारत से नेपाल की ओर जा रहे थे। कस्टम की गाड़ी को देखते ही वह लोग माल छोड़कर नेपाल की ओर भाग निकले। माल को जब्त कर लिया गया है।
पंप मालिकों पर आदेश का असर नहीं
डीजल न मिलने से किसानों का बढ़ रहा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
निचलौल। सीमावर्ती क्षेत्र के पेट्रोल पंप मालिकों पर प्रशासन के आदेश का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। सीमावर्ती तस्कर पेट्रो उत्पाद के लिए पेट्रोल पंपों पर केन व ड्रम के साथ मेले का स्वरूप बनाए हुए हैं।
तस्करी रोकने में असहाय बनी पुलिस पंपों पर सुरक्षा करती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों को खेती करने के लिए डीजल के लिए हो रही किल्लत से ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मधेसी आंदोलन के चलते पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में पेट्रो उत्पाद के आयात पर रोक लग गया। महीनों चले इस आंदोलन में नेपाल में वाहन आदि बंद पड़े रहे।
विजया दशमी के मौके पर आंदोलन में ढील होते ही नेपाल में डीजल, पेट्रोल की कमी के चलते दाम आसमान छूने लगे। पेट्रो उत्पाद के दाम में चारगुना बढ़ोत्तरी के कारण सीमावर्ती तस्कर सक्रिय हो गए।
तस्कर सीमा क्षेत्र के सभी पेट्रोल पम्पों व पेटी डीलरों की दुकान से डीजल व पेट्रोल नेपाल पहुंचा रहे हैं। तस्करों के इस कारनामें को अमली जामा पहनाने में सुरक्षा एजेंसियां भी अहम भूमिका निभा रही हैं।
मुकामी पुलिस पेट्रोल पंपों पर अपना हक वसूली व तस्करों की सुरक्षा में लगी हैं। कई जगहोें पर लाठियां भी भांजनी पड़ रही है। स्थानीय किसान लाइन में घंटों खड़ा रह कर 10 लीटर डीजल किसी तरह पा रहा है।
पेट्रोल पंपों के मनमानी व प्रशासन की मौन स्वीकृति से स्थानीय किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
जिला पूर्ति अधिकारी अजीत कुमार त्रिपाठी ने बताया कि सभी पेट्रोल पम्प मालिकों आदेश दिया गया है। उसके बाद भी कोई नहीं मानता है तो कार्रवाई की जाएगी। एसएसबी के सेना नायक केएस बनकोटी ने बताया कि पेट्रो पदार्थ को पकड़ कर कस्टम को सुपुर्द करने पर कस्टम के अधिकारी कोई अपराध न बनने का हवाला देकर छोड़ दे रहे हैं। जिसके कारण एसएसबी के जवान चाह कर भी कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।