कर्ज में डूबे नौ बच्चों के पिता ने लगा ली फांसी
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कोठीभार/सिसवा (महराजगंज)। कोल्हुआ गांव में एक शख्स ने कर्ज के बोझ से तंग आकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। बृहस्पतिवार सुबह घर के बगल में उसका नीम के पेड़ से लटकता हुआ शव मिला। पेड़ की डाली से लटकता शव देखकर परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
कोठीभार थाना क्षेत्र के कोल्हुआ निवासी प्रभु साहनी की 6 बेटियां और 3 बेटे हैं। वह मछली बेच कर परिवार का भरण-पोषण करता था। लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले बैंक से डेढ़ लाख रुपये कर्ज लेकर दो बेटियों सविता और बिंदु की शादी की थी। तीसरी बेटी की शादी के लिए वह परेशान रहता था। इधर बैंक कर्ज चुकता नहीं कर पाने से उसकी चिंता और बढ़ा गई थी।
बैंक ने भी कर्ज जमा करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया था। प्रभु की पत्नी शुभागी देवी ने बताया कि एक माह पहले पति ने गांव के एक व्यक्ति से एक लाख रुपये कर्ज लेकर बैंक में जमा किया था। इसके बाद से वह और अधिक तनाव में रहने लगे थे। ग्रामीण जब कारण पूछते तो यही कहता कि बैंक कर्ज का भी भुगतान नहीं पर पाया। रुपये के अभाव में बेटियों की शादी भी नहीं हो पा रही है। इसी तनाव में बीती रात प्रभु भोजन कर छप्पर के मकान में सोने चला गया। रात में किसी समय घर के बगल में नीम के पेड़ पर प्लास्टिक की रस्सी का फंदा लगाकर उसने खुदकुशी कर ली। सुबह परिजनों ने पेड़ से लटकता हुआ उसका शव देखा। सूचना पाकर मौके पर पहुंची कोठीभार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। एसओ अरुण राय ने बताया कि मौत के मामले की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया जांच में आर्थिक तंगी को लेकर आत्महत्या का मामला लगता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।