सांप काटने के बाद झाड़-फंूक के चक्कर में बालक की माैत।
ठूठीबारी। सर्पदंश के बाद तुरंत अस्पताल न ले जाकर झाड़फूंक कराना एक परिवार के लिए मातम का सबब बन गया। झाड़फूंक के चलते पीड़ित बालक की मौत हो गई। घरवालों का रो रोकर बुरा हाल है।
ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के तुर्कहियां निवासी शैलेश चौधरी का 7 वर्षीय पुत्र विक्रम चौधरी रविवार की रात करीब 8 बजे घर के अंदर गया तो देखा की सांप और बिल्ली आपस में लड़ रहे हैं। यह देख बालक डर कर घर से बाहर निकलने लगा।
इस दौरान सांप ने डस लिया। जब इसकी जानकारी परिजनों को हुई तो गांव के कुछ लोगों के कहने पर परिजन झाड़फूंक कराने लगे। हालत बिगड़ती देख परिजन उसे निचलौल सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टरों ने बालक को मृत घोषित कर दिया।
अंधविश्वास से बचें, करें ऐसा
डॉक्टर सलाह देते हैं कि सर्पदंश के बाद उस जगह को कसकर बांध देना चाहिए जहां सांप ने काटा है। पीड़ित को तुरंत अस्पताल ले जाने चाहिए, जिससे जान बचाई जा सके। अस्पतालों में एंटी स्नैक वेनम के जरिये सर्पदंश पीड़ितों की जान बचाई जाती है, लेकिन आज भी लोग सर्पदंश के बाद झाड़फूंक के चक्कर में पड़ जाते हैं। इससे कइयों की जान चली जाती है।