फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षक की मौत से सदमे में परिवार

Thu, 08 Dec 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूराे
विज्ञापन
रामाशीष की मौत पर बिलखते उनके भाई ग्राम प्रधान रामसजीवन सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
घुघली (महराजगंज)।  पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर लखनऊ में आंदोलित शिक्षकों में शामिल पिपरिया करजहां गांव निवासी शिक्षक रामाशीष सिंह की लाठीचार्ज की चपेट में आकर मौत हो जाने की खबर से जहां घर में कोहराम मच गया, वहीं गांव वाले अवाक हैं।
विज्ञापन


रामाशीष कुशीनगर जिले के हाटा स्थित गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में दस साल से अंग्रेजी के अध्यापक के तौर पर कार्यरत थे। रामाशीष से छोटे भाई रामसजीवन सिंह के मौजूदा प्रधान होने और पिता रामकिशुन सिंह के पूर्व में प्रधान रहे होने के कारण लगभग पूरा गांव उनके आवास पर उमड़ पड़ा। इस जानकारी से टूटे पिता रामकिशुन को ढांढस बंधा रहे लोगों ने बताया कि सबसे बड़े बेटे होने के कारण रामाशीष घर की सारी जिम्मेदारियों को बखूबी संभालते थे।

मां का चार साल पहले निधन हो जाने के बाद से पिता को और ज्यादा समय देने लगे थे। अब बड़े बेटे से कभी मुलाकात न हो पाने का मलाल जीवन भर सालेगा। आठ साल पहले घर में देवगांव से बहू बनकर आईं रुचि पतिरामाशीष के अचानक साथ छोड़ जाने से बदहवास हो गईं। 25 नवंबर को भाई की शादी के मौके पर पति रामाशीष के साथ समारोह में शामिल हुई रुचि की बदहवासी से तीन साल के जुड़वां बेटे श्रेय और दिव्य भी रोने लगे। आसपास की महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश में लगी थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें