मुख्यमंत्री के जलते पुतले को छीनते सदर इंस्पेक्टर टीपी श्रीवास्तव।
- फोटो : अमर उजाला
महराजगंज। पुतला दहन को लेकर सोमवार को नगर के सक्सेना चौराहे पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस में नोकझोंक हो गई। इसी बीच एक सिपाही की अभद्र टिप्पणी ने आग में घी का काम कर दिया। नाराज कार्यकर्ताओं ने चौराहे और कोतवाली के सामने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दिया। बाद में पुतला जलाने के बाद जुलूस के शक्ल में जिला मुख्यालय पहुंचे।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ का सोमवार को 12 वें दिन आंदोलन के क्रम में बस स्टेशन से जुलूस निकालना था और बाल पुष्टाहार निदेशक का पुतला जलाने का कार्यक्रम था। भारी संख्या में कार्यकर्ता बस स्टेशन से नगर के सक्सेना चौराहे पर पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ता बाल विकास पुष्टाहार निदेशक का जैसे ही पुतला जलाने के लिए आगे बढ़े। पुलिस ने रोकना चाहा। जिसको लेकर सीओ सदर व पुलिस वालों ने नोकझोंक हुई। इस बीच एक सिपाही ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर अभद्र टिप्पणी कर दी। जिससे माहौल गरम हो गया। पुतला जलाने के बाद कोतवाली के सामने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दिया गया। बाद पुलिस वालों के समझाने के बाद जुलूस मुख्यालय के लिए रवाना हुआ।
वहां जिला संरक्षक राधेश्याम मौर्य ने कहा कि का आंदोलन और कलमबंद हड़ताल दो सितंबर से चल रहा है। लेकिन अभी तक सरकारी व शासन प्रशासन ने आंगनबाड़ी कर्मचारियों व सहायिकाओं की कोई सुध नहीं ली। जिलाध्यक्ष अमीरून निशा ने कहा कि सरकार आज के दौर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। इस दौरान छाया भारती, ऊमा माधवी, परवेज आलम, शंभू शरण पटेल, संगीता, नीतू, बासमती, सुमन, द्रोपदी, नजमा, मंजू समेत तमाम लोग शामिल रही।