सिसवा स्वास्थ्य केंद्र पर सरकारी पर्ची पर मरीज को दी गई एक्सपायरी दवा
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सिसवा बाजार। पीएचसी और सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। बीस दिनों के अंदर दूसरी बार एक्सपायरी दवा दिए जाने से नाराज लोगों में गुस्सा है। मंगलवार को सीएचसी पर तैनात लैब टेक्नीशियन ने दस माह के बच्चे को एक्सपायरी ओआरएस घोल दे दिया। इसको लेकर परिवार वालों ने हास्पिटल परिसर में घंटों हंगामा किया तथा मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिख कार्रवाई की मांग की।
कोठीभार थाना क्षेत्र के नौका टोला निवासी शिवकुमार जायसवाल के दस माह के बेटे सात्विक को उल्टी-दस्त हो रही थी। बच्चे को लेकर शिव मंगलवार सुबह दस बजे सीएचसी पहुंचे और ओपीडी में बैठे चिकित्सक आशीष रंजन का दिखाया। चिकित्सक ने मरीज की जांच की और सरकारी पर्ची पर ओआरएस का घोल लिख कर शिव को दवा लेने के लिए भेज दिया।
दवा खिड़की पर बैठे लैब टेक्नीशियन दीपक ने पर्ची लेकर शिव को ओआरएस के तीन पैकेट दे दिया। उसे लेकर शिव अपने घर पहुंचे और बच्चे को पिलाने के लिए जैसे ही ओआरएस का पैकेट उठाया तो उनकी नजर पैकेट पर छपी तारीख पर पड़ गई। शिव के होश उड़ गए। ओआरएस एक्सपायरी डेट का था। इसके बाद शिव तथा उनके मुहल्ले के कई लोग सीएचसी पहुंचे और जमकर हंगामा किया।
मामले में लैब टेक्नीशियन दीपक ने बताया कि गलती से एक्सपायरी डेट का ओआरएस का पैकेट मरीज को दे दिया गया। कुछ दिन पूर्व ही एक्सपायरी दवा की छंटनी हुई थी लेकिन एक डिब्बा ओआरएस का गलती से बच गया था।
इसी प्रकार 19 जुलाई की रात ग्राम सभा बेलभरिया निवासी हरिओम मिश्रा अपनी 20 माह की पोती उन्नति को लेकर पीएचसी पहुंचे थे। उसके सिर में गंभीर चोट थी। ड्यूटी पर तैनात डॉ. पवन सिंह ने बच्ची के जख्म पर एक्सपायरी डेट की दवा लगा दी। उसके बाद परिवार वाले भड़क गए थे और जमकर हंगामा किया था। अगली सुबह मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र लिख कर चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।